1/7होली 2026 का त्योहार मस्ती और रंगों का त्योहार है। इस दिन लोग एक दूसरे से सारे शिकवे गिले भुलाकर एक दूसरे को प्यार का रंग लगाते हैं। हालांकि होली के रंगों में केमिकल की मिलावट का डर हमेशा बना रहता है। ऐसे में सेहत और त्योहार का उत्साह ध्यान रखते हुए घर पर ही बड़े आसान तरीके से तैयार करें फूलों से बने हर्बल होली कलर्स। आप होली के रंग-बिरंगे रंगों को पलाश, गेंदा और गुड़हल जैसे फूलों की मदद से बड़ी आसानी से तैयार कर सकते हैं। ये सभी फूलों से बने हर्बल रंग न सिर्फ आपकी त्वचा का ख्याल रखेंगे, बल्कि आपकी होली में वो पुरानी सादगी और प्राकृतिक खुशबू भी वापस ले आएंगे जो आज की भागदौड़ में कहीं खो गई है।

गेंदे के फूल अपनी एंटी-बैक्टीरियल खूबियों के लिए जाने जाते हैं। अगर आप होली खेलने के लिए पीले रंग का सूखा गुलाल बनाना चाहते हैं तो पीले या नारंगी गेंदे के फूलों की पंखुड़ियों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें। सूखने के बाद इन्हें पीसकर बारीक पाउडर बना लें। इसमें बराबर मात्रा में बेसन मिलाएं। बेसन से त्वचा में निखार आता है। वही अगर आप गेंदे के फूल से होली का गीला रंग बनाना चाहते हैं तो दो मुट्ठी गेंदे के फूलों को पानी में उबालकर छान लें। यह बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित रंग है।

गुड़हल का फूल त्वचा को ठंडक प्रदान करता है। इस फूल से सूखा गुलाल तैयार करने के लिए लाल गुड़हल के फूलों को सुखाकर उनका पाउडर बना लें। लाल रंग को उभारने के लिए इसमें थोड़ा सा लाल चंदन पाउडर मिलाया जा सकता है। अगर आप गीला रंग तैयार करना चाहते हैं तो ताजे गुड़हल के फूलों को थोड़े से पानी में पीसकर पेस्ट बना लें, फिर इसे पानी की बाल्टी में मिला दें। यह एक गहरा मैजेंटा-लाल रंग बनकर तैयार हो जाएगा।

नीला रंग प्राकृतिक रूप से मिलना मुश्किल होता है, लेकिन अपराजिता का फूल इसे आसान बना देता है।अपराजिता के फूल से होली का गीला रंग तैयार करने के लिए फूलों को गर्म पानी में 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। आपको एक बहुत ही सुंदर गहरा नीला पानी मिलेगा। इस पानी को बच्चों के साथ पिचकारी में भरकर खेला जा सकता है।

गुलाब की खुशबू होली का मजा दोगुना कर देती है। गुलाब के लाल-गुलाबी रंग से आप होली खेलने के लिए लाल या गुलाबी गुलाब की पंखुड़ियों को सुखाकर पीस लें। इसमें टैल्कम पाउडर या मैदा मिलाकर एक सुगंधित गुलाल तैयार करें।

सड़कों के किनारे खिलने वाले गुलमोहर के फूल भी रंग बनाने के काम आते हैं। इस फूल की पंखुड़ियों को सुखाकर पीसने से एक प्राकृतिक नारंगी पाउडर तैयार होता है।

सूखा रंग (गुलाल) बनाने के लिए हमेशा अरारोट (Arrowroot) या मक्के के आटे का उपयोग करें। यह त्वचा पर बहुत सॉफ्ट होते हैं। रंगों में खुशबू जोड़ने के लिए आप गुलाब जल या चंदन का तेल भी मिला सकते हैं।
