गॉलब्लैडर निकाल देने से बॉडी में होते हैं कई तरह के साइड इफेक्ट, इन दिक्कतों के बारे में जरूर जान लें
Gallbladder removal surgery side effects: पित्त की थैली यानी गॉलब्लैडर में स्टोन होने पर अक्सर सर्जरी के जरिए इसे बाहर कर दिया जाता है। गॉलब्लैडर के बाहर कर देने से कुछ समय बाद कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जानें कंप्लीट डिटेल।

गॉलब्लैडर यानी पित्त की थैली में पथरी इन दिनों काफी ज्यादा कॉमन हो गई है। और, डॉक्टर इन पथरियों को निकालने की बजाय पूरे गॉल ब्लैडर को भी बाहर कर देते हैं। और इसे बिल्कुल साधारण सर्जरी माना जाता है। जिसमे बिना किसी चीर-फाड़ के ऑपरेशन होने के 24 घंटे के अंदर आपको छोड़ दिया जाता है। डॉक्टर इसे बिल्कुल हार्मलेस सर्जरी बताते हैं जो आपको स्टोन से पूरी तरह छुटकारा दिला देती है। लेकिन जिन भी लोगों की गॉलब्लैडर की सर्जरी हुई है उन्हें धीरे-धीरे कई तरह के हेल्थ इश्यूज का सामना करना पड़ता है। जिसके बारे में डॉक्टर ज्यादातर जानकारी नहीं देते। तो अगर आपकी भी गॉलब्लैडर की सर्जरी होने वाली है तो इन बातों के बारे में जानकारी जरूर कर लें। जिससे डाइजेशन में होने वाली दिक्कतों पर थोड़ा काबू पाया जा सकते।
आखिर गॉलब्लैडर का बॉडी में काम ही क्या है?
गॉलब्लैडर, जिसे शरीर से बड़े ही आसानी से बाहर कर दिया जाता है। आपकी बॉडी का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। जो लिवर में प्रोड्यूस होने वाले बाइल को स्टोर करता है। और इस बाइल को तब रिलीज करता है जब आप फैट खाते हैं। ये बाइल्स ही फैट को डाइजेस्ट करने में मदद करते हैं। साथ ही बॉडी में फैट सॉल्यूएबल विटामिंस को भी अब्जॉर्ब करने में मदद करता है। यहीं नहीं एक्सेस कोलेस्ट्रॉल, टॉक्सिंस को शरीर के बाहर निकालने में मदद करता है।
क्या होगा जब गॉलब्लैडर निकाल दिया जाएगा
- शरीर से जब पित्त की थैली यानी गॉलब्लैडर को बाहर निकाल दिया जाता है तो लिवर में प्रोड्यूस होने वाला बाइल कहीं पर भी स्टोर नहीं होता।
- साथ ही फैट का डाइजेशन बिल्कुल मुश्किल हो जाता है। इसीलिए डॉक्टर आपको ऑयली तली-भुनी चीजों को खाने से मना करते हैं। लेकिन इसके साथ ही एक और दिक्कत होती है।
- फैट सॉल्यूएबल विटामिंस अब्जॉर्ब नहीं होते जिसकी वजह से शरीर में विटामिन ए, के, डी और ई की कमी होने लगती है।
- जो बाइल कही पर भी स्टोर नहीं हो रहा वो सीधे छोटी आंत में जाता है और शरीर में बाइल रिफ्ल्क्स बनाता है। जिससे डायरिया अक्सर हो जाता है।
- आंतों में बैड बैक्टीरिया बढ़ते हैं और गुड बैक्टीरिया को बाइल की वजह से जगह नहीं मिल पाती है।
- लिवर का काम बढ़ जाता है और उस पर प्रेशर बढ़ने लगता है। जिसकी वजह से लिवर के फंक्शन भी प्रभावित होते हैं।
गॉलब्लैडर निकालने जाने से होने लगती हैं ये दिक्कतें
डायरिया
रिफ्ल्क्स
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के लक्षण
सूजन
फूड इनटोलेरेंस
स्किन पर बैड इफेक्ट
इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है
हार्मोंस से जुड़ी दिक्कतें जैसे पीरियड्स के आसपास सिर में दर्द, हैवी पीरियड्स और पीएमएस के लक्षण दिखने लगते हैं।
आसानी से मसल्स में चोट लग जाना
उल्टी
ब्लोटिंग
खाने के बाद थकान और सुस्ती
ब्रेन फॉग
गॉलब्लैडर निकलने के बाद इन कामों को जरूर करें
- खाने को बहुत चबाकर खाएं। जिससे बाइल को रिलीज होने का सिग्नल्स मिले। खाना ज्यादा मात्रा में टूटे जिससे पाचन आसान हो और पचाने वाले एंजाइम्स ट्रिगर होकर रिलीज हो सकें।
- स्ट्रेस कम से कम लें। बाइल का फ्लो स्ट्रेस की वजह से थिक हो जाता है। जिससे फ्लो घटता है और डायरिया होने के चांस बढ़ जाते हैं।
- हर दिन सनलाइट लें। क्योंकि जिन लोगों को गॉलब्लैडर रिमूव की सर्जरी होती है उन्हें विटामिन डी की कमी हो जाती है क्योंकि ये फूड से पर्याप्त मात्रा में अब्जॉर्ब नहीं कर पाते हैं।
- खाने के पहले या बाद में सब्जियों के स्टॉक या मीट के ब्रोथ को जरूर पिएं। जिससे गट लाइनिंग इरिटेट ना हो।
- विटामिन ए और दूसरे फैट सॉल्यूएबल शरीर को पर्याप्त मात्रा में मिलते रहे इसलिए खास तरह की कैप्सूल को जरूर खाएं।
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