50 की उम्र में कैंसर नहीं चाहते तो आज ही छोड़ दें ये 5 आदतें, डॉक्टर बोले- रोज कर रहे 80% लोग!
Cancer: डॉ ओबैदुर रहमान बताते हैं कि 80% लोग डेली बेसिस पर कुछ ऐसी आदतें फॉलो कर रहे हैं, जो कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। अगर आप 50 की उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी नहीं चाहते हैं, तो आज ही इन्हें बिल्कुल बंद कर दें।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम ही लोगों में दहशत पैदा कर देता है। चिंता की बात है कि इसके मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। लोगों को अक्सर लगता है कि कैंसर जेनेटिक या गंभीर बीमारियों की वजह से होता है, लेकिन सच तो ये है कि रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें ही इसके खतरे को बढ़ावा देती हैं। ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ ओबैदुर रहमान एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताते हैं कि 80 प्रतिशत लोग डेली बेसिस पर कुछ ऐसी आदतें फॉलो कर रहे हैं, जो कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। डॉक्टर आगे सलाह भी देते हैं कि अगर आप 50 की उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी नहीं चाहते हैं, तो आज ही ये 5 आदतें बिल्कुल बंद कर दें।
माइक्रोवेव में प्लास्टिक का इस्तेमाल
पहली गलती जो बहुत लोग कर रहे हैं वो है माइक्रोवेव ओवन में प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल। ये भले ही आपको नॉर्मल लगता हो लेकिन लॉन्ग टर्म में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि जब आप किसी भी चीज को प्लास्टिक की बॉटल या कंटेनर में रखकर माइक्रोवेव करते हैं, तो उसमें से ऐसे केमिकल्स रिलीज होते हैं जो आपके डीएनए को डैमेज कर सकते हैं।
जला हुआ या ज्यादा भुना हुआ मीट खाना
डॉ ओबैदुर के मुताबिक जला हुआ या ज्यादा भुना हुआ मीट खाने से भी कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है। दरअसल जब मीट को बहुत तेज आंच या सीधा आग पर पकाया जाता है तो उसमें काफी खतरनाक केमिकल्स रिलीज होते हैं। ये केमिकल DNA रिपेयर की प्रक्रिया को बाधित करते हैं, जिस वजह से बॉडी में कैंसर सेल्स बनना शुरू हो जाते हैं।
अपने फोन को तकिए के नीचे रखकर सोना
ये आदत आजकल बहुत ही कॉमन है। लोग सोते हुए अपने फोन को तकिए के नीचे रख लेते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि फोन से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन निकलती हैं, जो आपकी नींद को प्रभावित करती हैं। जिस वजह से सेल्यूलर रिपेयर और दूसरी प्रक्रियाओं में बाधा आती है और DNA रिपेयर प्रभावित होता है।
धूप में गर्म हुई बोतल से पानी पीना
ऐसा आमतौर पर तब होता है जब आप अपनी बोतल गाड़ी में रख देते हैं और वो धूप से गर्म हो जाती है। लोग इस पानी को आराम से पी लेते हैं, जबकि ये सेफ नहीं है। डॉ रहमान कहते हैं कि बोतल गर्म होने की वजह से पानी में कुछ ऐसे केमिकल रिलीज होते हैं, जो DNA डैमेज का कारण बन सकते हैं।
बार-बार खाते रहना
कुछ लोग सारा दिन कुछ ना कुछ खाते ही रहते हैं। जबकि लगातार स्नैकिंग की ये आदत भी कैंसर की एक वजह बन सकती है। डॉ ओबैदुर बताते हैं कि बार-बार लगातार खाते रहने की वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और ऑटोफजी की प्रक्रिया बाधित होती है, जो सीधे-सीधे आपके DNA रिपेयर से जुड़ी हुई है।
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