लिवर को खराब कर रही हैं रोज की ये 5 आदतें, डॉक्टर ने बताया शराब से भी खतरनाक
liver Damaging Habits: रोजमर्रा की कई आदतें ऐसी भी हैं, जो शराब से ज्यादा लिवर को नुकसान पहुंचा रही हैं। डॉ शालिनी सिंह सालुंके ने ऐसी ही 5 आदतों के बारे में बताया है, जो हम में से ज्यादातर लोग रोजाना दोहरा रहे हैं।

लिवर से जुड़ी समस्याएं आजकल बहुत कॉमन होती जा रही हैं। खासतौर से फैटी लिवर तो इतना आम है कि हर तीन में से एक वयस्क इस बीमारी का शिकार है। वजह की बात करें तो मुख्य रूप से गलत खानपान और आजकल का लाइफस्टाइल ही जिम्मेदार है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि वो शराब का सेवन नहीं कर रहे हैं तो लिवर हेल्दी ही होगा। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है क्योंकि रोजमर्रा की कई आदतें ऐसी भी हैं, जो शराब से ज्यादा लिवर को नुकसान पहुंचा रही हैं। डॉ शालिनी सिंह सालुंके ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ऐसी ही 5 आदतों के बारे में बताया है, जो हम में से ज्यादातर लोग रोजाना दोहरा रहे हैं। ये आदतें लिवर के लिए धीमे जहर की तरह काम करती हैं, इसलिए समय पर इन्हें छोड़ना ही बेहतर है।
फलों का रस या स्वीट ड्रिंक्स पीना
हममें से ज्यादातर लोगों को लगता है कि मार्केट में मिलने वाले फ्रूट जूस हेल्दी होते हैं। इसलिए कई लोग डेली बेसिस पर खुद भी फ्रूट जूस पीते हैं और बच्चों को भी पिलाते हैं। वहीं आजकल तो इतनी स्वीट ड्रिंक्स भी मौजूद हैं, जो कहीं ना कहीं लोग कंज्यूम करते ही रहते हैं। डॉक्टर बताती हैं कि इनमें फ्रुक्टोज की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो सीधा आपके लिवर पर फैट बढ़ाने का काम करती है।
ज्यादा नमक वाले जंक फूड खाना
पैकेटबंद चिप्स, स्नैक्स, फ्रेंच फ्राइज और अचार जैसी चीजें, जिनमें बहुत ज्यादा मात्रा में नमक होता है, ये भी आपके लिवर के लिए नुकसानदायक होती हैं। डॉ शालिनी कहती हैं कि इतनी ज्यादा मात्रा में नमक कंज्यूम करने से लिवर फाइब्रोसिस का रिस्क दो से तीन गुना ज्यादा बढ़ जाता है।

नेचुरल सप्लीमेंट्स का ओवरडोज
आजकल लोग बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं। खासतौर से नेचुरल सप्लीमेंट्स को ले कर तो उन्हें यही लगता है कि कोई नुकसान होगा ही नहीं, तो खा लेते हैं। जबकि ये सही नहीं है। डॉक्टर कहती हैं कि ग्रीन टी एक्सट्रेक्ट, ब्राह्मी, शतावरी, गिलोय जैसे कई नेचुरल सप्लीमेंट्स हैं जिन्हें अगर बिना डॉक्टर की सलाह के आप ले रहे हैं, तो लिवर डैमेज होने का खतरा बढ़ सकता है।
नो मूवमेंट लाइफस्टाइल
आजकल आधे से ज्यादा बीमारियों का कारण है हमारी आधुनिक जीवनशैली। ज्यादातर लोग अपना समय बैठे हुए गुजारते हैं, उनके पूरे दिन में फिजिकल एक्टिविटीज एकदम ना के बराबर होती हैं। इसी नो मूवमेंट की वजह से मेटाबॉलिज्म स्लो होता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और लिवर में फैट जमा होना शुरू हो जाता है।
प्रॉसेस्ड मीट का सेवन करना
प्रॉसेस्ड मीट अगर आपकी डाइट का अहम हिस्सा है तो अनजाने में ही आप अपने लिवर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। डॉ शालिनी बताती हैं कि प्रॉसेस्ड मीट में मौजूद नाइट्रेट्स और केमिकल्स, लिवर में इन्फ्लेमेशन को बढ़ाते हैं और फैटी लिवर का कारण बनते हैं। इसलिए कोशिश करें कि प्रॉसेस्ड मीट को कम ही अपनी डाइट में शामिल करें।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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