दादी मां के टिप्स: जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत के लिए आयुर्वेदिक तेल
जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस से परेशान हैं? दादी मां का यह आयुर्वेदिक तेल घरेलू तरीके से तैयार किया जा सकता है, जो दर्द और सूजन में राहत देने में मदद कर सकता है। एक बार जरूर ट्राई कर सकते हैं।

आज के समय में जोड़ों का दर्द और आर्थराइटिस की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे हर उम्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं। लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत लाइफस्टाइल और बढ़ती उम्र इसके मुख्य कारण हैं। ऐसे में लोग अक्सर दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन बार-बार दवा लेना सही नहीं माना जाता। इसलिए दादी-नानी के पुराने घरेलू नुस्खे आज भी एक अच्छा और सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं।
दादी मां का आयुर्वेदिक नुस्खा
पुराने समय में लोग जोड़ों के दर्द के लिए प्राकृतिक तेलों का इस्तेमाल करते थे। सरसों के तेल, लहसुन और जड़ी-बूटियों से बना यह आयुर्वेदिक तेल ऐसा ही एक आसान और असरदार घरेलू उपाय है, जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। अगर इसे नियमित रूप से सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह शरीर को आराम देने और मूवमेंट को आसान बनाने में सहायक हो सकता है।
सामग्री
250 ml सरसों का तेल
15–20 छिली हुई लहसुन की कलियां
2–3 चम्मच अजवाइन
7–8 टुकड़े निर्गुंडी की जड़ (अगर जड़ ना मिले, तो निर्गुंडी के पत्ते या तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं)
बनाने की विधि
- सबसे पहले एक कढ़ाई में सरसों का तेल डालें और हल्का गर्म करें। अब इसमें लहसुन, अजवाइन और निर्गुंडी की जड़ डाल दें।
- इन सभी चीजों को 7–8 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें, ताकि इनके पोषक तत्व तेल में अच्छे से मिल जाएं। जब तेल का रंग थोड़ा बदल जाए और खुशबू आने लगे, तो गैस बंद कर दें।
- अब इस तेल को ठंडा होने दें और फिर छानकर एक साफ बोतल में भर लें।
कैसे करें इस्तेमाल?
इस तेल को हल्का गुनगुना करके जोड़ों पर लगाएं और धीरे-धीरे मालिश करें। दिन में 1–2 बार इस्तेमाल करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
कैसे करता है काम?
- लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन कम करते हैं।
- अजवाइन दर्द को कम करने में मदद करती है।
- निर्गुंडी को आयुर्वेद में दर्द निवारक माना जाता है।
- सरसों का तेल गर्म तासीर का होता है, जो ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है।
क्या फायदे हैं?
- जोड़ों की जकड़न कम होती है
- मांसपेशियों को आराम मिलता है
- सूजन और दर्द में राहत मिलती है और
- चलने-फिरने में आसानी होती है।
नोट: दादी मां का यह आयुर्वेदिक तेल जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस में एक आसान और नेचुरल उपाय हो सकता है। नियमित इस्तेमाल से आपको आराम मिल सकता है, लेकिन सही तरीका फॉलो करना जरूरी है।
अगर त्वचा पर जलन या एलर्जी हो, तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। बहुत ज्यादा दर्द या लंबे समय तक समस्या रहने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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