सावधान! AIIMS और फोर्टिस के डॉक्टर्स ने चेताया, मिट्टी खाने वाली आदत' कहीं न्यूरोलॉजिकल चोट का इशारा तो नहीं? AIIMS and fortis neurologist explains why some people get the urge to eat chalk and soil know what is pica and its cause, हेल्थ टिप्स - Hindustan
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सावधान! AIIMS और फोर्टिस के डॉक्टर्स ने चेताया, मिट्टी खाने वाली आदत' कहीं न्यूरोलॉजिकल चोट का इशारा तो नहीं?

यह 'स्वाद' मात्र एक आदत नहीं, बल्कि आपके शरीर की भेजी जा रही एक मदद की पुकार (SOS) भी हो सकती है। जिसके बारे में जानकारी देने के लिए एम्स की फिजिशियन डॉ. प्रियंका सहरावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की हुई है।

Thu, 5 March 2026 11:25 PMManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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सावधान! AIIMS और फोर्टिस के डॉक्टर्स ने चेताया, मिट्टी खाने वाली आदत' कहीं न्यूरोलॉजिकल चोट का इशारा तो नहीं?

हो सकता है आपने बातों-बातों में मम्मी को यह कहते हुए कई बार सुना हो कि आप बचपन में बहुत मिट्टी और चाक खाया करते थे। या फिर आपने खुद किसी छोटे बच्चे को बड़ी तसल्ली से मिट्टी या दीवार की पपड़ी खाते हुए देखा हो? पहली नजर में यह छोटी सी लगने वाली आदत एक शरारत या मासूम सी नादानी लग सकती है, लेकिन हकीकत यह है कि यह 'स्वाद' मात्र एक आदत नहीं, बल्कि आपके शरीर की भेजी जा रही एक मदद की पुकार (SOS) भी हो सकती है। जिसके बारे में जानकारी देने के लिए एम्स की फिजिशियन डॉ. प्रियंका सहरावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की हुई है। इसके अलावा इस विषय को गहराई से समझने के लिए हमने खुद भी फोर्टिस अस्पताल (वसंत कुंज) के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. ध्रुव ज़ुत्शी से बात की।

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एम्स की फिजिशियन डॉ. प्रियंका सहरावत ने सोशल मीडिया पर शेयर अपने इस वीडियो में मिट्टी और चाक खाने इस आदत को पिका नामक एक खाने का विकार बताया है। बता दें, विज्ञान की भाषा में गैर-खाद्य वस्तुओं (जैसे चाक, मिट्टी, कोयला, या साबुन) को खाने की इस तीव्र इच्छा को 'पाइका' (Pica) कहा जाता है। यह कोई साधारण 'चटखारा' नहीं है, बल्कि एक चिकित्सीय संकेत है।

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. ध्रुव जुत्शी कहते हैं कि पिका केवल एक खान-पान का विकार नहीं है, बल्कि यह अक्सर मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में आए बदलावों का परिणाम होता है। जब मस्तिष्क के नियंत्रण केंद्र प्रभावित होते हैं, तो शरीर और व्यवहार के बीच का तालमेल बिगड़ जाता है।

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पिका के मुख्य कारण और उनका प्रभाव

1- फ्रंटल लोब और निर्णय क्षमता: मस्तिष्क का फ्रंटल लोब (Frontal Lobe) हमारे 'ब्रेक सिस्टम' की तरह काम करता है। Traumatic Brain Injury (TBI) या चोट के कारण जब यह हिस्सा क्षतिग्रस्त होता है, तो व्यक्ति का आवेग नियंत्रण (Impulse Control) खत्म हो जाता है। उसे पता नहीं चल पाता कि क्या खाना सुरक्षित है और क्या नहीं।

2. अपक्षयी विकार (Dementia): डिमेंशिया के उन्नत चरणों में संज्ञानात्मक गिरावट (Cognitive Decline) इतनी अधिक होती है कि व्यक्ति खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं के बीच का अंतर भूल जाता है। इसे 'सेंसरी प्रोसेसिंग' में आए बदलाव के रूप में देखा जाता है।

3. बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) : यहाँ समस्या समझ और निर्णय लेने की क्षमता (Decision-making) की होती है। व्यवहार नियंत्रण कमजोर होने के कारण मिट्टी, चॉक या धातु जैसी चीजें खाने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।

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4. बाध्यकारी व्यवहार (OCD): OCD के मामलों में पिका एक Compulsion (बाध्यता) बन जाता है। यहाँ व्यक्ति को पता होता है कि वह जो खा रहा है वह गलत है, लेकिन उसका मस्तिष्क उसे ऐसा करने के लिए मजबूर करता है।

सलाह-मस्तिष्क की चोटें या न्यूरोलॉजिकल क्षति, जैसे Traumatic Brain Injury, पिका का कारण बन सकती हैं क्योंकि इससे मस्तिष्क के फ्रंटल लोब प्रभावित होते हैं, जो आवेग नियंत्रण और निर्णय लेने की क्षमता के लिए जिम्मेदार होते हैं।

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