youth separated 13 years ago to be brought back from Kerala by Jharkhand police 14 साल पहले गलत ट्रेन में चढ़कर केरल पहुंच गया था बच्चा, अब झारखंड पुलिस कराएगी परिवार से पुनर्मिलन, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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14 साल पहले गलत ट्रेन में चढ़कर केरल पहुंच गया था बच्चा, अब झारखंड पुलिस कराएगी परिवार से पुनर्मिलन

पुलिस ने कहा कि गोपे का परिवार सोनुआ ब्लॉक के असंतलिया पंचायत के हरिमारा गांव में रहता है। पहचान प्रक्रिया के तहत, अधिकारी गांव के मुखिया से एक सर्टिफिकेट लेंगे, जिसमें यह पुष्टि की जाएगी कि गोपे गांव का ही नागरिक है और उसकी मां मणि गोप, और भाई-बहन वहीं रहते हैं।

Thu, 19 Feb 2026 11:58 PMSourabh Jain पीटीआई, चाईबासा, झारखंड
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14 साल पहले गलत ट्रेन में चढ़कर केरल पहुंच गया था बच्चा, अब झारखंड पुलिस कराएगी परिवार से पुनर्मिलन

झारखंड की पश्चिम सिंहभूम पुलिस एक मानवीय पहल के तहत 14 साल पहले अपने परिवार से बिछड़कर केरल जा पहुंचे बच्चे को एकबार फिर उसके परिवार से मिलवाने जा रही है। बच्चा जब अपने परिवार से बिछड़ा था, तब उसकी उम्र मात्र 6 साल थी और अब वह करीब 20 साल का हो चुका है। बच्चे की पहचान राजा गोप के रूप में हुई है, जो कि गलत ट्रेन में चढ़ने के कारण अपने पिता से बिछड़ गया था। अब झारखंड पुलिस लड़के को वापस लाने के लिए एक टीम केरल भेजेगी, और उसे वहां से लेकर आएगी। हालांकि अब उसके पिता इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन मां व परिवार के सदस्य मौजूद हैं और उससे वीडियो कॉल पर बात भी कर चुके हैं। वह लड़का अब अच्छा फुटबॉल खिलाड़ी बन चुका है।

कैसे बिछड़ा था 6 साल का राजा?

घटना साल 2012 की है, जब राजा गोपे की उम्र करीब 6 साल थी और वह अपने पिता के साथ ईंट भट्टे पर काम करने के लिए पश्चिम बंगाल जा रहा था। इसी दौरान वह अपने पिता से अलग हो गया था और गलती से दूसरी ट्रेन में चढ़कर सीधे केरल के एर्नाकुलम पहुंच गया था। वहां सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उसे रेस्क्यू कर चाइल्ड शेल्टर होम में रखवाया। उस वक्त मासूम राजा को सिर्फ चाईबासा और अपने माता-पिता का शुरुआती नाम ही याद था, लेकिन वह अपने गांव का पता नहीं जानता था।

वीडियो कॉल पर पहचानते ही छलके आंसू

हाल ही में जब राजा को कौशल विकास कार्यक्रम के तहत कन्नूर शिफ्ट किया गया, तब स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 'रेलवे चिल्ड्रन' नामक NGO से संपर्क किया। जिसने राजा का एक वीडियो चाईबासा में सर्कुलेट किया, जिसके बाद सोनुआ थाना क्षेत्र के हरिमारा गांव में उसके परिवार की पहचान हुई। 14 साल बाद जब राजा ने वीडियो कॉल पर अपनी मां मनी गोपे से बात की, तो दोनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। इसी दौरान राजा को पता चला कि उसके पिता का 4 साल पहले निधन हो चुका है। गोपे की मां, जो पश्चिम बंगाल में एक ईंट भट्टे में काम करती थी, को बेटे से आसानी से मिलवाने के लिए सोनुआ गांव लाया गया है।

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने कहा कि पुलिस को एक NGO (गैर सरकारी संगठन) ने राजा गोपे के बारे में बताया था, जो बचपन में लापता हो गया था और अब उसकी उम्र लगभग 20 साल है। रेणु ने कहा, 'हमने पश्चिम सिंहभूम जिले के सोनुआ थाने के अंतर्गत एक गांव में रहने वाले लड़के के परिवार का पता लगा लिया है। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे वापस लाने के लिए एक टीम भेजी जाएगी।'

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उन्होंने कहा कि चाईबासा के पुलिस उप-अधीक्षक विनोद कुमार और सोनुआ थाने के प्रभारी अधिकारी शशि बाला भेंगरा इस प्रक्रिया का समन्वय करेंगे। वहीं केरल भेजी जाने वाली टीम में सोनुआ पुलिस स्टेशन और वेस्ट सिंहभूम डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर (DCPO) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। डिप्टी एसपी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने केरल के कन्नूर जिले में स्थित बाल कल्याण समिति (CWC) से संपर्क किया है, जहां गोपे वर्तमान में एक 'आफ्टर केयर' केंद्र में रह रहा है। कुमार ने कहा, ‘कन्नूर में आफ्टर केयर सेंटर के सुपरिटेंडेंट ने हमसे लड़के के माता-पिता की पहचान की पुष्टि करने वाले दस्तावेज और दूसरे प्रोटोकॉल पूरे करने को कहा है। हमने प्रोसेस शुरू कर दिया है।’

कुमार ने कहा, ‘DCPO एक रिपोर्ट जमा करेंगे, और लड़के की मां का आइडेंटिटी प्रूफ़ भी लिया जाएगा। उसके पिता की चार साल पहले मौत हो गई थी। आफ्टर केयर सेंटर से ट्रांसफ़र पूरा करने के लिए ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं।’ चाईबासा में CWC के सदस्य मोहम्मद शमीम ने कहा कि घर पर लौटने के बाद राजा के लिए सबसे पहला काम फॉर्मल ट्रांसफर प्रोसेस को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद, गोपे को पश्चिम सिंहभूम जिले में आफ्टर केयर स्कीम और स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़ने की कोशिश की जाएगी ताकि उसका भविष्य उज्ज्वल हो सके।