झारखंड में रेप पीड़िता को 3 लाख रुपए मुआवजा, अलग-अलग अपराध पीड़ितों के लिए रकम तय
झारखंड सरकार झारखंड पीड़ित मुआवजा योजना 2016 के तहत अपराध पीड़ितों या उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विभिन्न अपराधों के लिए मुआवजे की राशि निर्धारित कर दी गई है। मुआवजे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन जमा करना होगा।

झारखंड सरकार झारखंड पीड़ित मुआवजा योजना 2016 के तहत अपराध पीड़ितों या उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। यह जानकारी गुरुवार को एक अधिकारी ने दी। गृह, कारागार और आपदा प्रबंधन विभाग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विभिन्न अपराधों के लिए न्यूनतम मुआवजे की राशि निर्धारित कर दी गई है। मुआवजे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
बयान में कहा गया है कि एसिड हमले में घायल व्यक्ति को होने वाली क्षति के लिए न्यूनतम मुआवजा 3 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह रेप के मामलों में भी 3 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
इस योजना के तहत नाबालिग के यौन शोषण के लिए 2 लाख रुपये, मानव तस्करी पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 1 लाख रुपये, यौन उत्पीड़न (रेप की श्रेणी में न आने वाले मामले में) के लिए 50000 रुपये, किसी भी अपराध के कारण मौत होने पर 2 लाख रुपये, स्थायी विकलांगता के लिए 2 लाख रुपये, आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपये, शरीर के 25 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर जलने के लिए 2 लाख रुपये और भ्रूण नुकसान के लिए 50000 रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि इस योजना में यह प्रावधान भी है कि यदि पीड़ित की आयु 14 वर्ष से कम है, तो मुआवजे की राशि निर्धारित राशि से 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है।
नगरपालिका सेवा नियमावली का गठन होगा
नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा है कि राज्य में अगले तीन माह में झारखंड नगरपालिका सेवा नियमावली (प्रशासनिक संवर्ग) 2025 का गठन किया जाएगा। इसके गठन होने से वर्ष 2022 में नियुक्त किए गए सहायक नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी, विशेष पदाधिकारी जैसे 65 पदाधिकारियों के वेतन भुगतान में हो रही कठिनाई दूर होगी। मंत्री सुदिव्य कुमार बुधवार को झारखंड विधानसभा में विधायक अरूप चटर्जी के पूछे अल्पसूचित प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
विधायक अरूप चटर्जी ने पूछा था कि वर्ष 2021 में जेपीएससी द्वारा नियुक्त झारखंड नगरपालिका सेवा के 63 अधिकारियों की सेवा नियमावली अभी तक अधिसूचित नहीं होने से उनकी सेवा संपुष्टि भी नहीं हो पाई है। ऐसे में इन्हें नियमित वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। जवाब में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि उपरोक्त पदाधिकारी झारखंड नगरपालिका सेवा संवर्ग नियमावली-2014 के प्रावधानों के तहत राज्यकर्मी की श्रेणी में नहीं आते हैं।




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