झारखंड के पहले CM बाबूलाल मरांडी के बेटे की हत्या की कहानी, 1 करोड़ का इनामी आरोपी मुठभेड़ में ढेर
Chilkhari massacre: चिलखारी हत्याकांड के आरोपियों में से एक माओवादी सहदेव सोरेन को जवानों ने मुठभेड़ में मार गिराया है। उसके ऊपर झारखंड के पहले सीएम बाबूलाल मरांडी के बेटे अनूप मरांडी समेत 20 लोगों की हत्या का भी आरोप था।

Chilkhari massacre: साल 2007 और जगह झारखंड का गिरिडीह जिला। करीब 15 हजार लोगों की भीड़ से खचाखच भरे सांस्कृतिक कार्यक्रम में झारखंड के पहले सीएम बाबूलाल मरांडी के भाई नूनूलाल मरांडी और बेटे अनूप मरांडी भी मौजूद थे। तभी हथियारबंद माओवादी आ धमके। हाथों में बंदूकें लिए माओवादियों की निगाहें नूनूलाल मरांडी को ढूंढ रही थीं। तभी भीड़ पर गोलियां बरसनी शुरू हो गईं। नूनूलाल भागने में कामयाब हो गए, लेकिन अनूप मरांडी गोलियों समेत 20 लोग गोलियों का शिकार हो गए। इस नरसंहार का आरोपी 1 करोड़ का इनामी माओवादी सहदेव सोरेन को मुठभेड़ में मार गिराया गया है।
जब माओवादियों ने भीड़ पर बरसाईं अंधाधुंध गोलियां
20 लोगों के नरसंहार की यह घटना 27 अक्तूबर 2007 को गिरिडीह जिले के चिलखारी मैदान में घटी थी। सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्टेज पर चढ़े एक शख्स ने माइक से अनाउंसमेंट किया, भागो मत। हम तुम लोगों को मारने नहीं आए हैं। हमें बाबूलाल मरांडी का भाई नुनूलाल मरांडी चाहिए। वो जहां भी हैं, खुद को हमारे हवाले कर दें। कहा जाता है कि नुनूलाल मरांडी सामने नहीं आए और वहां से भागने में कामयाब हो गए। जबकि, बाबूलाल मरांडी के बेटे भागने में असफल रहे। गुस्साए माओवादियों ने भीड़ के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी।
3 माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया
इस फायरिंग में बाबूलाल मरांडी के बेटे अनूप मरांडी सहित वहां मौजूद 20 लोग मारे गए। इस मामले में 10 अभियुक्त थे, जिनमें से 6 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। बचे हुए 4 अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। इस नरसंहार के 4 दोषियों को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। इस नरसंहार के आरोपी माओवादी सहदेव सोरेन को गिरहोर थाना क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया है। सहदेव के एक करोड़ का इनामी माओवादी था।
इस साल के अंत तक माओवादियों को खत्म कर देंगे
14 सितंबर की देर रात हुई मुठभेड़ में तीन माओवादियों को मार गिराया गया था। सहदेव सोरेन के अलावा, दो अन्य भी मार गिराए गए। 25 लाख का इनामी माओवादी रघुनाथ हेम्ब्रम। तीसरा, 10 लाख का इनामी माओवादी वीरसेन गंझू। इस कामयाबी पर झारखंड कैडर के आईपीएस साकेत सिंह ने कहा, हमें पूरा विश्वास है कि हम 2026 नहीं, इस साल के अंत तक माओवादियों को खत्म कर देंगे। आपको बताते चलें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने साल 2026 तक देश के अंदर से माओवादियों को खत्म करने का प्रण लिया है।




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