strict action on over loading illegal mining and sand mafia said jharkhand cm hemant soren झारखंड में अवैध खनन पर सख्ती, CM हेमंत सोरेन ने दिए ओवर लोडिंग और बालू माफिया पर ऐक्शन के निर्देश, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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झारखंड में अवैध खनन पर सख्ती, CM हेमंत सोरेन ने दिए ओवर लोडिंग और बालू माफिया पर ऐक्शन के निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में खान एवं भूतत्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बालू माफिया पर कड़ी कार्रवाई करें।

Thu, 4 June 2026 08:24 AMMohammad Azam हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड में अवैध खनन पर सख्ती, CM हेमंत सोरेन ने दिए ओवर लोडिंग और बालू माफिया पर ऐक्शन के निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में खान एवं भूतत्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बालू माफिया पर कड़ी कार्रवाई करें। सीएम ने विशेषकर बालू उठाव की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को पत्थर के अत्यधिक बाहरी निर्यात पर नियंत्रण के उपाय खोजने तथा पहाड़ों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कुल 820 बालू घाटों में से 376 (कैटेगरी-1) घाटों पर पंचायतों के माध्यम से उठाव जारी है। वहीं, 444 (कैटेगरी-2) घाटों में से 300 की नीलामी की जा चुकी है। इन 300 घाटों से शीघ्र बालू उठाव शुरू कराएं और शेष घाटों की नीलामी शीघ्र सुनिश्चित करें। इससे करीब 3,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। बता दें कि राज्य में 10 जून से 15 अक्तूबर से घाटों से बालू उठाव पर एनजीटी की रोक लग जाएगी। इन चार माह में उपरोक्त घाटों का ईसी, सीटीओ, डीलर लाइसेंस, ग्रामसभा से अनुमति ली जाएगी।

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नीलामी वाले कोल ब्लॉकों को चालू करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने नीलाम हो चुके कुल 30 कोल ब्लॉकों को भी शीघ्र संचालित करने का निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिया। ये ऐसे कोल ब्लॉक है, जिन्हें अबतक आवश्यक अनुमति नहीं मिली है। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, भूतत्व निदेशक कुमार अमिताभ सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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छात्रावासों में ऊर्जा आपूर्ति सुदृढ़ करने की पहल

मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी छात्रावासों, विशेषकर आवासीय विद्यालयों के छात्रावासों का समुचित मैपिंग कर वहां कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एलपीजी की उपलब्धता में आ रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयले के उपयोग की संभावनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करें। इसके लिए उन्होंने एक व्यवहारिक कार्य योजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से लागू करने को कहा। वर्तमान में राज्यभर में 300 के करीब आवासीय विद्यालय कार्यरत हैं।

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निर्देश: निष्क्रिय खदानों में उत्पादन शुरू कराएं

मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित बीसीसीएल, सीसीएल एवं ईसीएल की बंद पड़ी खदानों को निरस्त करने के लिए प्रक्रिया एवं उपाय तलाशने का निर्देश दिया। कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां उत्पादन पुनः शुरू हो अथवा लीज निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाएं। जिन खनिज ब्लॉकों का नीलामी हो चुकी है, लेकिन वे लंबे समय से क्रियाशील नहीं हैं, उन्हें निरस्त कर दोबारा नीलाम करें। खनन लीज क्षेत्र तथा कार्यरत एवं गैर-कार्यरत क्षेत्रों की मैपिंग सुनिश्चित करें।