झारखंड के शहरी निकायों में पानी सप्लाई के लिए स्पेशल एक्शन प्लान, क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं
प्रदेश में बिना जलापूर्ति सुविधा वाले घरों तक के लिए 600 से अधिक वाटर टैंक, 17,000 से अधिक हैंडपंप, 300 जलमीनार सहित हाईड्रेंट, डीप बोरिंग की व्यवस्था की गई है। विभाग का कहना है कि इस पहल से राज्य सरकार जल संकट से निपटेगी।

झारखंड की गर्मी में संभावित पेयजल संकट देखते हुए नगर विकास और आवास विभाग ने राज्य के सभी 49 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में जलापूर्ति व्यवस्था की विशेष कार्ययोजना तैयार की है। विभाग की रिपोर्ट में प्रत्येक निकायों में कुल कितने घर है, कितने घरों तक जलापूर्ति की सुविधा पहुंची है और कितनों में नहीं है, इसका विश्लेषण किया गया है। साथ ही बिना जलापूर्ति सुविधा वाले घरों तक के लिए 600 से अधिक वाटर टैंक, 17,000 से अधिक हैंडपंप, 300 जलमीनार सहित हाईड्रेंट, डीप बोरिंग की व्यवस्था की गई है। विभाग का कहना है कि इस पहल से राज्य सरकार जल संकट से निपटेगी।
राजधानी में सप्लाई की सबसे बड़ी चुनौती
रिपोर्ट के मुताबिक, रांची में जलापूर्ति की सबसे बड़ी चुनौती सामने आई है। यहां 2.47 लाख घरों में से 82,366 घरों तक ही नल कनेक्शन है, जबकि 1,64,634 घरों में जलापूर्ति नहीं है। स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने 2756 हैंडपंप, 1723 मिनी हाईड्रेंट, 181 हाईड्रेंट और 75 पानी टैंकरों को सक्रिय किया है। धनबाद में लगभग 98,000 घरों में से 39,140 घरों तक ही नल जल पहुंच रहा है। शेष क्षेत्रों 59,122 में जल संकट दूर करने के लिए 2747 हैंडपंप, 32 पानी टैंकर और कई वाटर हाइड्रेंट संचालित किए जा रहे हैं। देवघर में 72,550 घरों के मुकाबले मात्र 15,478 घरों तक पाइप जलापूर्ति पहुंची है। यहां 57,000 से अधिक घर अभी भी पूर्ण जलापूर्ति से वंचित हैं। विभाग ने यहां 1381 हैंडपंप, 11 जलमीनार और 76 पानी टैंकरों की व्यवस्था की है।
चाईबासा में 95 प्रतिशत घरों तक पहुंचा है पानी
कोल्हान प्रमंडल अंतर्गत जमशेदपुर में मानगो वाटर सप्लाई योजना के तहत कुल 48,228 घरों में से लगभग 40,256 घरों तक जलापूर्ति पहुंची है। शेष इलाकों के लिए 168 हैंडपंप, 8 डीप बोरिंग और 24 पानी टैंकर लगाए गए हैं। आदित्यपुर में 34,693 घरों तक पानी की सुविधा नहीं है। इसे देखते हुए 20 वाटर टैंक, 202 एचवाईडीटी, 133 हैंडपंप की व्यवस्था है। रिपोर्ट के अनुसार चाईबासा उन चुनिंदा नगर निकायों में शामिल है जहां लगभग 95 प्रतिशत घरों तक नल जल योजना पहुंच चुकी है। इसके बावजूद बैकअप व्यवस्था के तौर पर 450 हैंडपंप, 21 सोलर जलमीनार और छह पानी टैंकर तैयार रखे गए हैं।
लेट से जगा विभाग
लगातार पड़ रही गर्मी देखते हुए पानी पहुंचाने की विभाग की पहल से साफ है कि देर से जगा है। मई में राज्य के कई जिलों में हो रही बारिश से गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है। पिछले एक हफ्ता पहले तक विभिन्न जिलों में गर्मी अपने प्रचंड पर थी। उस समय कई इलाकों में पानी की समस्या देखी गई। ऐसे में विभाग अगर पूर्व में भी इस कार्ययोजना पर काम पूरा करता तो यह समस्या नहीं होती।




साइन इन