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अब बिना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे प्रैक्टिस, झारखंड में बाहरी डॉक्टरों को बड़ी राहत

दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को झारखंड में निजी प्रैक्टिस के लिए आने पर झारखंड मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए उन्हें सिर्फ झारखंड मेडिकल काउंसिल को इसकी जानकारी देनी होगी।

Fri, 8 May 2026 07:16 AMMohammad Azam हिन्दुस्तान, रांची
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अब बिना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे प्रैक्टिस, झारखंड में बाहरी डॉक्टरों को बड़ी राहत

दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को झारखंड में निजी प्रैक्टिस के लिए आने पर झारखंड मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए उन्हें सिर्फ झारखंड मेडिकल काउंसिल को इसकी जानकारी देनी होगी। इसमें कहां प्रैक्टिस करेंगे, कब तक प्रैक्टिस करेंगे जैसी जानकारी उन्हें साझा करनी होगी। हालांकि, सरकारी अस्पताल में सेवा देने के लिए दूसरे प्रदेशों के मेडिकल काउंसिल में निबंधित चिकित्सकों को झारखंड मेडिकल काउंसिल में निबंधन कराना अनिवार्य होगा।

स्वास्थ्य विभाग राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा को और मजबूत करने के लिए यह व्यवस्था करने वाला है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव छवि रंजन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें झारखंड मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ साहिर पाल, काउंसिल के रजिस्ट्रार सह सचिव डॉ बिमलेश कुमार सिंह तथा स्टेट आईएमए झारखंड के प्रतिनिधि डॉ शंभू प्रसाद उपस्थित थे। झारखंड में दूसरे प्रदेशों के चिकित्सकों को राहत देते हुए उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक में झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल रूल 2023 के रूल नंबर 55 की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें सामने आया कि झारखंड मेडिकल काउंसिल के रूल 55 के कारण उन्हें स्टेट काउंसिल में निबंधन कराना अनिवार्य है। ऐसे में उन्हें व्यावहारिक परेशानी होती है। भले ही वे पहले से नेशनल मेडिकल काउंसिल या किसी अन्य राज्य मेडिकल काउंसिल में निबंधित हों, झारखंड में अलग से निबंधन कराना पड़ता है। बिना निबंधन के वे राज्य में प्रैक्टिस नहीं कर सकते।

झारखंड मेडिकल काउंसिल रूल 55 में होगा संशोधन

सदस्यों ने कहा कि बाहर से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को अतिरिक्त औपचारिकताओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित होती है। विमर्श के बाद सहमति बनी कि रूल नंबर 55 में आवश्यक संशोधन को लेकर मंत्रिपरिषद को प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य यह होगा कि दूसरे राज्यों से आने वाले योग्य एवं निबंधित डॉक्टरों को झारखंड में चिकित्सा सेवा देने में सुविधा मिल सके।