झारखंड में भी SIR की होगी शुरुआत; 100 दिन में पूरा करने का लक्ष्य
झारखंड में अप्रैल से एसआईआर शुरू होगा जिसे 100 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 11 मार्च को बैठक होगी। अब तक 1.94 करोड़ वोटरों का सत्यापन हो चुका है।

झारखंड में अप्रैल महीने से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य शुरू होने जा रहा है जिसे 100 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने इसकी तैयारी के लिए झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दे दिया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि इसकी तैयारी के लिए 11 मार्च को सभी जिला अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इस अभियान से पहले राज्य के लगभग 73 फीसदी मतदाताओं का सत्यापन पहले ही किया जा चुका है।
अप्रैल महीने से एसआईआर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सोमवार को बताया कि झारखंड में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम अप्रैल महीने से शुरू किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अधिसूचना जारी होने के 100 दिन के अंदर झारखंड में एसआईआर का काम पूरा कर लिया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने इसकी तैयारी करने को कहा है।
11 मार्च को एक राज्य स्तरीय बैठक
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि एसआईआर के संबंध में 11 मार्च को एक राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारी हिस्सा लेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्री-रिविजन की गतिविधियों को पूरा करना है ताकि एसआईआर शुरू होने से पहले बची हुई सभी कमियों को इसी महीने सुधार कर सारी व्यवस्थाएं ठीक कर ली जाएं।
100 दिन के अंदर पूरी कर ली जाएगी एसआईआर की प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर 90 से 100 दिन में पूरा होता है। कुछ राज्य इसमें और समय की मांग करते हैं, लेकिन झारखंड में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी। झारखंड में 90 से 100 दिन के अंदर एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले 73 फीसदी मतदाता सूची का सत्यापन पूरा कर लिया गया है।
73 फीसदी सत्यापन पहले ही पूरा
निर्वाचन आयोग की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, झारखंड के 2,65,62,300 मतदाताओं में से 1,94,30,429 का सत्यापन पहले ही किया जा चुका है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से 2003 की मतदाता सूची के आधार पर मतदाताओं का सत्यापन किया गया है। इसमें 12 लाख से ज्यादा मतदाता हैं जो दूसरी जगह चले गए हैं या उनकी मौत हो गई है या फिर उनके एक से अधिक स्थान पर नाम हैं।




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