भागलपुर में बिक्रमशिला पुल धंसने से कटिहार-पूर्णिया आने-जाने में परेशानी
साहिबगंज। भागलपुर में बिक्रमशिला पुल धंसने से साहिबगंज जिले के लोगों को आने-जाने व माल ढुलाई में परेशानी बढ़ गई है। साहिबगंज से गंगा पार कर मनिहारी (ब

साहिबगंज। भागलपुर में बिक्रमशिला पुल धंसने से साहिबगंज जिले के लोगों को आने-जाने व माल ढुलाई में परेशानी बढ़ गई है। साहिबगंज से गंगा पार कर मनिहारी (बिहार)जाने के लिए फेरी सेवा (लंच सेवा)बीते एक महीने से भी अधिक समय से बंद है। ऐसे में यहां के लोग भागलपुर के रास्ते बिक्रमशिला पुल पार कर पूर्णिया,कटिहार,सहरसा आदि का सफर तय करते थे। अब यहां के लोगों को बंगाल के मालदा के रास्ते कटिहार-पूर्णिया जाना होगा। यहां से मालदा जाने में दो घंटा अधिक सफर तय करना होगा। सड़क या रेल मार्ग से भागलपुर जाने में जहां डेढ़ से दो घंटा लगता है।
वहीं यहां से मालदा जाने में करीब ढाई से तीन घंटा लगेगा। वहां से करीब दो घंटा कटिहार जाने में लगेगा। इससे आर्थिक नुकसान व समय की बर्बादी दोनों होगी। फेरी सेवा बंद रहने से दोनों राज्य के लोगों को गंगा पार आने-जाने में परेशानी होती है। इस समय शादी विवाह का मौसम है। लोगों को भागलपुर होकर कटिहार जाना पड़ता था। लेकिन भागलपुर में बिक्रमशिला पुल धंसने से उधर से तत्काल कटिहार-पूर्णिया जाना संभव नहीं है। 35 दिनों से बंद है साहिबगंज-मनिहारी फेरी सेवासाहिबगंज से गंगा पार कर बिहार के कटिहार-पूर्णिया आदि जाने का सुगम मार्ग फेरी सेवा है। लेकिन साहिबगंज से मनिहारी के बीच गंगा में चलने वाली फेरी सेवा की बंदोवस्ती बीते 31 मार्च को समाप्त हो जाने के बाद दोबारा टेंडर तय नहीं हो सका है। दरअसल, दोनों राज्यों के बीच फेरी घाट संचालन को लेकर रोटेशन सिस्टम लागू है। इसके तहत दो साल तक साहिबगंज (झारखंड) और अगले दो साल तक कटिहार( बिहार) को टेंडर के माध्यम से फेरी सेवा का संचालन करना है।झारखंड की अवधि समाप्त होने के बाद फेरी घाट बंदोवस्ती की जिम्मेदारी इस समय बिहार के पाले में है। इसके चलते बीते 35 दिनों से साहिबगंज-मनिहारी फेरी सेवा बंद है। बताया जाता है कि करीब 11.26 करोड़ रुपये की उच्च बंदोबस्ती राशि और कड़े नियमों के कारण कोई भी एजेंसी निविदा में शामिल नहीं हुई है।
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