पलामू में भीषण गर्मी प्रत्येक परिवार की ले रही है परीक्षा, आद्रता घटने से बार-बार महसूस हो रहा प्यास
पलामू जिले में लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। पेयजल संकट के समाधान के लिए प्रशासन सक्रिय है, 717 खराब चापानलों की मरम्मत की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने गर्मी से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी की है।

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। लगातार बढ़ रही गर्मी से पलामू जिले का जनजीवन थमने लगा है। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक घर से बाहर निकलने में विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। प्रत्येक परिवार को बच्चों, बुजुर्गो और बीमार सदस्यों पर विशेष निगरानी रखनी पड़ रही है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण जनजीवन भी खासकर दोपहर 12 से तीन बजे दिन घरों में कैद हो जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक पानी की बढ़ने लगी किल्लत और बिजली की घटती आपूर्ति परेशानी बढ़ा रखा है। खीरा, ककड़ी, तरबूज, सतू, नींबू-चीनी व दही की शरबत, छाछ की मांग बढ़ गई है।
पलामू जिला प्रशासन के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने भी गर्मी को लेकर आम लोगों को गाइडलाइन जारी कर सतर्कता बरतने, शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की सलाह दी है। पलामू जिला का अधिकतम तापमान शुक्रवार को यद्यपि 43.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस रहा। वातावरण की आद्रता काफी घट गई है। पलामू जिले में सुबह में सापेक्ष आद्रता 51% परंतु शाम में घटकर 25% पर पहुंच गया जिसके कारण दिन में बार-बार प्यास का अहसास होता रहा। भीषण गर्मी में पेयजल संकट को दूर करने के लिए नगर निकाय प्रशासन व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अलर्ट मोड में है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने अप्रैल महीने में 22 तारीख तक 717 खराब चापानलों को मरम्मत किया है। खराब चापानल को मरम्मत करने के लिए 14 टीम पलामू जिले के ग्रामीण क्षेत्र में सक्रिय है। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल मेदिनीनगर के कार्यपालक अभियंता जेसन होरो ने बताया कि पलामू की भीषण गर्मी के कारण पेयजल की समस्या बढ़ गया है। विभाग ने जिले के सभी खराब पड़े चापानल को तत्काल मरम्मत कर ठीक करा रहा है ताकि पेयजल की संकट से निजात मिल सके और लोगों को पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि जिले वासियों से खराब चापानल के लिए पंचायत के मुखिया या प्रखंड समन्वयक, कनीय अभियंता के माध्यम से या खुद भी सूचना देने के लिए अपील किया है। वे जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर खुद भी खराब चापानल की निरीक्षण कर रहे हैं। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि उनके अलावा सहायक अभियंता राजेश कुमार भी विभिन्न क्षेत्रों में जाकर खराब चापानल को ठीक करा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में 22 अप्रैल तक 721 खराब चापानल की शिकायत मिली है। इसमें से 717 चापानल को मरम्मत करा दिया गया है। जिले में खराब चापानल को मरम्मत करने के लिए 14 टीम लगी हुई है। टील में एक मिस्त्री दो हेल्फर और एक गाड़ी का ड्राइवर है। आगे 6 अन्य टीम को बहाल करने की तैयारी चल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिले ने कुल 4982 चापानलों को मरम्मत किया गया था। पलामू जिला में कुल 27 हजार 37 चापानल है जिसमें से वर्तमान में 25 हजार 33 चापानल चालू है। अन्य चापानलों को ठीक करने के लिए विभाग लगातार काम कर रही है।
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