पंजाब हर हाल में जीतना है, निशिकांत दुबे ने गिनाईं वजहें, 1984 दंगों और वाजपेयी का भी जिक्र
गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने ताजा इंटरव्यू में कहा- भाजपा को पंजाब हर हाल में जीतना है। इस जीत के पीछे की वजह गिनाते हुए सांसद ने 1984 के सिख दंगों से लेकर अटल बिहारी बाजपेयी तक का जिक्र किया।

भाजपा ने बंगाल फतह कर लिया है। इस जीत ने न केवल टीएमसी को धूल चटाई, बल्कि भाजपा को नई बुलंदी पर पहुंचा दिया है। जहां से पार्टी बाकी के बचे राज्यों में भी अपना कमल खिलाने का दावा कर रही है। ऐसा भाजपा नेता लगातार अपने भाषणों और इंटरव्यू में कह रहे हैं। नेताओं की इस लिस्ट में गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे का नाम भी शामिल है। उन्होंने अपने ताजा इंटरव्यू में कहा- "भाजपा को पंजाब हर हाल में जीतना है।" इस जीत के पीछे की वजह गिनाते हुए सांसद ने 1984 के सिख दंगों से लेकर अटल बिहारी बाजपेयी तक का जिक्र किया।
पंजाब को हर हाल में जीतना है…
एक इंटरव्यू में जब निशिकांत दुबे से पूछा गया पंजाब के चुनाव के बारे में आपको क्या नजर आ रहा है? इस पर निशिकांत दुबे ने जवाब दिया- "पंजाब हम 100 % जीतेंगे। आज चुनाव हो जाए, आज हम जीत जाएंगे।" पंजाब में जनाधार होने वाले सवाल पर निशिकांत दुबे ने कहा- "लोग कहते थे कि पत्थर पर घास उग सकती है, लेकिन पश्चिम बंगाल में भाजपा नहीं जीत सकती। लेकिन, हमने जीतकर दिखाया।" निशिकांत दुबे ने आगे कहा- "यहां भी हम तीन बार से लगे हुए हैं, जैसे बंगाल में लगे हुए थे। पंजाब को हर हाल में जीतना है।" इसके बाद सासंद ने एक-एक कर कारण गिनाए कि हमें पंजाब क्यों जीतना है…
निशिकांत दुबे ने क्या वजहें गिनाईं
सांसद ने आगे बताया- "यदि वहां नशाखोरी को खत्म करना है, पाकिस्तान के रोल को खत्म करना है, विदेशी ताकतों को परास्त करना है, तो अपने को हर हालत में पंजाब को जीतना है।" इसके बाद निशिकांत दुबे ने सिख दंगा और बाजेयी को याद करते हुए बताया कि हम पंजाब क्यों जीतेंगे। 1984 में जब सिख दंगा हुआ, तो अटल बिहारी बाजपेयी अपने घर से निकलकर आए थे और उन्होंने सिखों की जान बचाई थी। इसलिए सिखों के दिल में अलग ही जगह है। न्यायिक आयोग बना, सज्जन सिंह आज जेल में है, तो ये सब भारतीय जनता पार्टी के कारण ही है।
पिछले चुनाव हारने पर क्या बोले
बीते चुनाव में क्यों नहीं जीते वाले सवाल पर निशिकांत दुबे ने माना- हम अपनी बातों को बहुत स्पष्टता से नहीं रख पाए थे। अकाली दल का समझौता तुरंत तुरंत टूटा था, तो हम उसी कन्फ्यूजन में थे। नए चुनाव में चार कॉर्नर- अकाली दल, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा के बनने की बात पर निशिकांत दुबे ने कहा- नहीं ऐसा नहीं होगा। भाजपा तीन-चार कॉर्नर पर नहीं लड़ती, वो हमेशा अपने दम पर लड़ती है। इसके बाद निशिकांत दुबे ने अपनी लोकसभा सीट पर हुए त्रिकोणीय चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए आगे कहा- भाजपा का कार्यकर्ता तीन-चार या पांच कॉर्नर पर चुनाव नहीं लड़ता है, वह अपनी जमीन पर खड़ा रहकर चुनाव लड़ता है। ऐसा पंजाब में भी होगा।




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