झारखंड में BCCL की कोल वाशरी में बड़ा हादसा, कोयले की स्लरी में दबने से 4 मजदूरों की मौत
अधिकारियों ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब मजदूर कोयले के गारे को ट्रकों में लाद रहे थे। इसी दौरान गारे का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर पड़ा, जिससे कई मजदूर उसके नीचे दब गए।

झारखंड के धनबाद जिले में शनिवार को हुए एक दुखद हादसे में कोयले के पाउडर (कोल स्लरी) में दबकर कम से कम चार लोडिंग मजदूरों की मौत हो गई। घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि यह हादसा शाम करीब पांच बजे BCCL (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) की मुनीडीह कोल वाशरी के पास हुआ।
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने मलबा हटाकर चारों मजदूरों के शव बाहर निकाले।
मृतकों की पहचान आई सामने
मरने वाले मजदूरों की पहचान दिनेश बाउरी, मानिक बाउरी (दोनों गोपीनाथडीह), हेमलाल गोप उर्फ मायरा (रूदी कपूरिया) और दीपक बाउरी (सम शिखरा) के रूप में हुई है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अब भी कुछ और लोग दबे हो सकते हैं।
कोयले का चूर्ण लोड करते समय हुआ हादसा
अधिकारियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब मजदूर कोयले के पाउडर को ट्रकों में लाद रहे थे। इसी दौरान स्लरी का ऊंचा टीला गिर गया और उसकी चपेट में चारों लोडिंग मजदूर आ गए। मौके पर लगभग दर्जन भर मजदूर लोडिंग कार्य में लगे थे।

घटना के बाद भाग गए ट्रांसपोर्टिंग से जुड़े सभी ठेकेदार
हादसे के बाद वहां अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में बीसीसीएल पश्चिमी झरिया क्षेत्र के पेलोडर से स्लरी के मलबे को हटाया गया एवं एक-एक कर चारों शवों को निकाला गया। शाम 6:38 बजे तक चारों शव निकाल लिए गए थे। घटना के बाद ट्रांसपोर्टिंग से जुड़े सभी ठेकेदार भाग गए। लोडिंग का काम ठेकेदारों की ओर से ही कराया जाता है।
मृतकों के परिजनों ने बनाई आगे की रणनीति
इस घटना के बाद मौके पर मृत मजदूरों के परिजनों सहित आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। इस दौरान लोगों ने मृतकों के शवों को एरिया जीएम के कार्यालय के समक्ष रखकर प्रदर्शन करने का फैसला लिया। साथ ही नियोजन और मुआवजा आदि की मांग को लेकर भी उनकी प्रदर्शन करने की योजना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वहां लोडिंग के काम में सात ट्रक लगे हुए थे। पांच-छह डीओ होल्डर का स्लरी लोड होना था। उक्त घटना ने लोडिंग मजदूरों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। बता दें कि लोडिंग मजदूर असंगठित क्षेत्र के मजदूर होते हैं और दिहाड़ी मजदूर की तरह लोडिंग करते हैं।
पुटकी थाने के प्रभारी वकार हुसैन ने 'पीटीआई' से कहा, 'बचाव अभियान के दौरान चारों मजदूरों के शव मलबे से बाहर निकाल लिए गए हैं।' प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।




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