how 3 real brothers and sister died in hazaribagh sit will investigate ना कोई चोट के निशान, ना खून, हजारीबाग में कैसे चली गई 3 भाई-बहनों की जान; SIT करेगी जांच, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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ना कोई चोट के निशान, ना खून, हजारीबाग में कैसे चली गई 3 भाई-बहनों की जान; SIT करेगी जांच

झारखंड के हजारीबाग जिले में रिश्ते के भाई-बहनों का शव बरामद हुआ। सगे भाई-बहनों के मौत के मामले में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उसने बताया कि तीनों के शव चार दिन पहले वन क्षेत्र में मिले थे।

Sat, 2 May 2026 11:24 AMMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, हजारीबाग
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ना कोई चोट के निशान, ना खून, हजारीबाग में कैसे चली गई 3 भाई-बहनों की जान; SIT करेगी जांच

झारखंड के हजारीबाग जिले में रिश्ते के भाई-बहनों का शव बरामद हुआ। सगे भाई-बहनों के मौत के मामले में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। उसने बताया कि तीनों के शव चार दिन पहले वन क्षेत्र में मिले थे। शव पर ना कोई चोट का निशान था और ना ही खून बह रहा था। ऐसे में सवाल उठता है कि तीनों भाई-बहनों की मौत कैसे हुई। इसी सवाल का जवाब अब एसआईटी ढूंढने का प्रयास करेगी। अल्पसंख्यक आयोग ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं

पुलिस ने क्या बताया

इस मामले की जानकारी देते हुए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बताया कि गुरुवार को पुलिस को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों शवों पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। मृतकों की पहचान मोहम्मद आदिल (25) निवासी कटकमदाग, शानिया परवीन (19) निवासी लोहसिंघा और खुशी परवीन (21) निवासी हजारीबाग मुफस्सिल के रूप में हुई है। तीनों के शव 27 अप्रैल को मुफस्सिल पुलिस थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पौटा वन क्षेत्र से बरामद किए गए थे। तीनों के लापता होने की शिकायत 23 अप्रैल को दर्ज कराई गई थी। अब पुलिस जांच के बाद पता चलेगा कि आखिर तीनों भाई-बहनों की मौत कैसे हुई थी।

टेस्ट के बाद पता चलेगा सच

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मैंने तीनों व्यक्तियों की मौत की जांच के लिए एसडीपीओ (मुख्यालय) अमित कुमार आनंद के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शवों पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अभी कुछ परीक्षण किए जाने बाकी हैं, जिनसे यह निष्कर्ष निकाला जा सकेगा कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मोहम्मद आदिल के पिता के बयान के आधार पर सात से आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्ष ने लगाए आरोप

इस बीच, झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू ने आरोप लगाया कि 23 अप्रैल को शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। गुरुवार को उन्होंने तीनों मृतकों के परिवारों से मुलाकात की और उस स्थान का दौरा किया जहां शव मिले थे। मथारू ने संवाददाताओं से कहा कि मामले की शुरुआती चरण की पुलिस जांच संतोषजनक नहीं थी। हमने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें मामले में तेजी से कार्रवाई करने और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।