झारखंड के मौसम पर बड़ा अपडेट, 10 मई तक होगी झमाझम बारिश; तूफानी हवाओं का अलर्ट
झारखंड के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल गई है। कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिली है।

Jharkhand Weather: झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेगा। रांची समेत राज्य में शनिवार को तूफानी हवा के साथ बारिश होने के आसार हैं। हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा रह सकती है। शनिवार (9 मई) को गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, खूंटी, सिमडेगा और कोल्हान में आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, रांची समेत राज्य में पिछले 24 घंटे में कई जगह पर बारिश हुई। सबसे अधिक वर्षा पश्चिमी सिंहभूम में 35.5 मिमी हुई। रामगढ़, रांची आदि स्थान पर हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, अधिकांश जिलों का तापमान अभी भी सामान्य से पांच डिग्री नीचे चल रहा है। रांची का अधिकतम पारा 32.6 व न्यूनतम 19.7 डिग्री रहा। अधिकतम पारा सामान्य से 5 डिग्री नीचे व न्यूनतम चार डिग्री नीचे है। राज्य में मेदिनीनगर का तापमान सबसे अधिक 37.7 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश से लेकर झारखंड तक एक ट्रफ लाइन बना हुई है। ओड़िशा के ऊपर एक साईक्लोनिक सर्कुलेश बना हुआ, जो छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ है, जिससे बारिश होने का पूर्वानुमान है।
चार दिन तक दिखेगा उतार-चढ़ाव
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद कहा, राज्य में अगले चार दिन तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। 9 मई को रांची समेत राज्य के कई जिलों में आंधी-बारिश व वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
पिछला दशक राज्य के लिए सबसे गर्म : अभिषेक
प्रेस क्लब में गुरुवार को ‘असर’ संस्थान द्वारा बढ़ती गर्मी और हीट वेव के प्रति जागरुकता पर गुरुवार को मीडिया कार्यशाला हुई। इसमें मौसम विशेषज्ञों ने झारखंड सहित वैश्विक स्तर पर हो रहे जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग पर चिंता जताई। रांची के मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि पिछला दशक झारखंड के लिए सबसे गर्म रहा है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया कि झारखंड में उष्ण लहर के दिनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रांची में जहां वर्ष 2020 में एक भी दिन हीट वेव नहीं चली, वहीं 2022 में रिकॉर्ड 33 दिन लू वाले दर्ज किए गए। कहा, बढ़ते तापमान के कारण भविष्य में भीषण गर्मी के साथ-साथ अनियंत्रित बारिश की संभावना बढ़ेगी, जिससे बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा गहराएगा।
कंक्रीट के जंगल ने छीनी रांची की ठंडक
भूगर्भ शास्त्री डॉ. नितीश प्रियदर्शी ने कहा कि रांची, जो कभी अपने सुहावने मौसम के लिए मशहूर थी, अब कंक्रीट के जंगल में तब्दील होती जा रही है। इस कारण अब यहां रातें भी गर्म होने लगी हैं और पंखे-एसी की अनिवार्यता बढ़ गई है। कार्यशाला में वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्र, विशाल जैन, राहुल सिंह, प्रेस क्लब के अध्यक्ष शंभु चौधरी ने भी अपने विचार साझा किए।




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