cricketer MS dhoni is the highest individual income tax payer in jharkhand ‘कैप्टन कूल’ फिर निकले नंबर वन! बिहार-झारखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर बने महेंद्र सिंह धोनी, Jharkhand Hindi News - Hindustan
More

‘कैप्टन कूल’ फिर निकले नंबर वन! बिहार-झारखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर बने महेंद्र सिंह धोनी

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी बिहार-झारखंड आयकर क्षेत्राधिकार में सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्स पेयर का स्थान बरकरार रखा है। यह जानकारी झारखंड और बिहार के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने रांची में दी।

Fri, 8 May 2026 08:07 AMMohammad Azam हिन्दुस्तान, रांची
share
‘कैप्टन कूल’ फिर निकले नंबर वन! बिहार-झारखंड के सबसे बड़े टैक्सपेयर बने महेंद्र सिंह धोनी

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी बिहार-झारखंड आयकर क्षेत्राधिकार में सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्स पेयर का स्थान बरकरार रखा है। यह जानकारी झारखंड और बिहार के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने गुरुवार को रांची में दी। हालांकि उन्होंने गोपनीयता का हवाला देते हुए धोनी की टैक्स राशि को बताने से इनकार कर दिया।

इनकम टैक्स में बिहार से आगे झारखंड

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त के अनुसार, झारखंड-बिहार के आयकर संग्रह में झारखंड का योगदान सबसे अधिक है। निर्धारित 20 हजार करोड़ लक्ष्य में करीब 12 हजार करोड़ झारखंड से, जबकि 8 हजार करोड़ रुपये बिहार से प्राप्त हुए। वित्तीय वर्ष 2026-2027 में 20 हजार करोड़ रुपये कर संग्रह का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष में टैक्स चोरी के मामलों में 12 बड़े कारोबारी समूहों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई थी। इन कार्रवाइयों में 150 से अधिक व्यापारी और कारोबारी शामिल थे। इसके अलावा झारखंड और बिहार में कर चोरी और आयकर नहीं चुकाने से जुड़े 90 से अधिक मामलों में विभिन्न व्यक्तियों और व्यापारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। हालांकि संबंधित लोगों और कंपनियों के नाम उजागर नहीं किए गए।

झारखंड-बिहार में 40 लाख लोग आयकर रिर्टन दाखिल कर रहे

बिहार-झारखंड में करीब 40 लाख लोग नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल कर टैक्स जमा करते हैं, जबकि पैन कार्ड धारकों की संख्या लगभग पांच करोड़ है। उन्होंने यह भी बताया कि इन 40 लाख लोगों में 70 प्रतिशत करदाता ही टैक्सपेयर हैं। वहीं, रांची दौरे के उद्देश्य पर उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 से लागू नए आयकर अधिनियम-2025 के प्रावधानों और उसमें किए गए बदलावों की जानकारी देने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यापारिक संगठनों और अन्य समूहों के साथ बैठकें की गईं। इसी कड़ी में गुरुवार को उन्होंने झारखंड-बिहार के आयकर अधिकारियों के साथ बैठक की और उनकी समस्याएं भी जानीं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पारा टीचर्स को SC से बड़ी राहत, 50 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर बहाली के निर्देश

वित्तीय वर्ष 2024-25 के मुकाबले 2025-26 में 5 प्रतिशत कम टैक्स का कलेक्शन

झारखंड-बिहार वित्तीय वर्ष 2024-25 के मुकाबले 2025-26 में करीब 5 फीसदी कम टैक्स का संग्रह हुआ। इसकी वजह बारिश के सीसीएल में कम खनन और टैक्स स्लैब में बदलाव रहा। वहीं, अपनी रांची यात्रा के उद्देश्य की चर्चा करते हुए कहा कि नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल 2026 से प्रभावी है। इस नियम के प्रावधानों की चर्चा और किये गये संशोधनों के लाभ की जानकारी कारदाताओं को देने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट, ऐप खोलें एक समूहों व अलग-अलग संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा बिहार-झारखंड के आयकर अधिकारियों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं भी जानीं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अब बिना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे प्रैक्टिस, बाहरी डॉक्टरों को बड़ी राहत

80 फीसदी टैक्स केंद्र-राज्य के लोक उपक्रमों से

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने यह भी बताया कि झारखंड-बिहार से कुल आयकर संग्रह में 80 फीसदी टैक्स केंद्र व राज्य लोक उपक्रमों से प्राप्त किए गए हैं। 20 प्रतिशत निजी कंपनियों व व्यक्तियों से संग्रह किया गया। वहीं, इसमें 70 फीसदी टैक्स टीडीएस से प्राप्त किया गया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:झारखंड के मौसम पर बड़ा अपडेट, 10 मई तक होगी झमाझम बारिश; तूफानी हवाओं का अलर्ट