झारखंड ग्रामीण विकास टेंडर घोटाले में ED का ऐक्शन, 14 इंजीनियरों पर चार्जशीट; कई बड़े खुलासे
झारखंड के ग्रामीण कार्य और ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर के बदले कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के खेल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 14 बड़े इंजीनियरों और अधिकारियों को नया आरोपी बनाया है।

झारखंड के ग्रामीण कार्य और ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर के बदले कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के खेल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मंगलवार को रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट (अभियोजन शिकायत) दाखिल की। इसमें विभाग के 14 बड़े इंजीनियरों और अधिकारियों को नया आरोपी बनाया गया है। इसके साथ ही इस बहुचर्चित मामले में कुल आरोपियों की संख्या अब 36 पहुंच गई है।
चौंकाने वाला खुलासा
ईडी की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। विभाग में कमीशनखोरी का एक व्यवस्थित रैकेट चल रहा था। 3048 करोड़ रुपये के कुल टेंडर आवंटन के बदले ठेकेदारों से तीन प्रतिशत फिक्स कमीशन वसूला जाता था। अब तक की जांच में 90 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोसिड आफ क्राइम स्थापित हो चुकी है।
अब तक 38 करोड़ कैश और 8 लग्जरी कारें जब्त
ईडी इस मामले में अब तक झारखंड, दिल्ली और बिहार में 52 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। संजीव लाल के करीबियों के यहां से 32.20 करोड़ समेत कुल 38 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके अलावा आठ लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं। लगभग 44 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रोविजनल तौर पर अटैच की गई है, जिसकी पुष्टि सक्षम प्राधिकार ने कर दी है। केस में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, उनके पीएस संजीव लाल और जहांगीर आलम समेत 9 लोग अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं और न्यायिक हिरासत में हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जमशेदपुर द्वारा वर्ष 2019 में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। इसके बाद वीरेंद्र राम पर सबसे पहले शिकंजा कसा। बाद में विभाग के भीतर इंजीनियरों और सत्ता के शीर्ष बैठे लोगों के बीच एक गहरे गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है।
इन इंजीनियरों को बनाया गया आरोपी
ईडी ने जिन 14 नए लोगों को आरोपी बनाया है, पूर्व मुख्य अभियंता सिंगराय टूटी,राजीव लोचन, सुरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार, अजय कुमार, अजय तिर्की, राजकुमार टोप्पो, अशोक कुमार गुप्ता, सिद्धांत कुमार और अनिल कुमार (सेवानिवृत्त), सहायक अभियंता राम पुकार राम और रमेश ओझा (दोनों सेवानिवृत्त), पूर्व ईआईसी उमेश कुमार (सेवानिवृत्त) शामिल हैं।




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