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झारखंड में मिला वर्ल्ड वॉर 2 का अमेरिकी बम, डिफ्यूज करने के लिए सेना से गुहार

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में सुवर्णरेखा नदी किनारे बालू खुदाई के दौरान एक विशाल अमेरिकी जिंदा बम मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने पुष्टि की है कि यह बम अब भी सक्रिय है। इसे डिफ्यूज करने के लिए सेना से मदद मांगी गई है।

Sat, 21 March 2026 07:41 PMKrishna Bihari Singh पीटीआई, जमशेदपुर
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झारखंड में मिला वर्ल्ड वॉर 2 का अमेरिकी बम, डिफ्यूज करने के लिए सेना से गुहार

झारखंड पुलिस पूर्वी सिंहभूम जिले में सुवर्णरेखा नदी के किनारे से बालू की खुदाई के दौरान एक विशाल जिंदा बम मिलने से हड़कंप मच गया। बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपड़ा नागुड़साई गांव में जब ग्रामीण बालू निकाल रहे थे तब उन्हें जमीन के नीचे यह बम मिला। पुलिस जांच में पुष्टि हुई है कि यह एक अमेरिकी बम है जो अभी भी सक्रिय है। इस खबर से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया गया है। इस बम को डिफ्यूज करने के लिए पुलिस ने सेना से मदद मांगी है।

अभी भी है ऐक्टिव

पूर्वी सिंहभूम के एसपी (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग ने बताया कि झारखंड पुलिस सुवर्णरेखा नदी के किनारे से बरामद द्वितीय विश्व युद्ध के समय के इस बम को निष्क्रिय करने के लिए सेना से मदद मांगेगी। रांची से आई बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने गुरुवार को बहरागोड़ा में उस जगह का मुआयना किया। बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने अपनी छानबीन में पाया कि बम अभी भी ऐक्टिव है। यह काफी भारी है।

सेना से मांगी गई मदद

अधिकारी ने बताया कि बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम IED और छोटे विस्फोटकों को संभालने के लिए प्रशिक्षित है। यह बम पुराना हो गया है लेकिन अभी भी सक्रिय है। इसको सुरक्षित रूप से डिस्पोज किया जाना चाहिए। इसके सुरक्षित निपटान के लिए भारतीय सेना की विशेषज्ञता की जरूरत है। एसएसपी पीयूष पांडे ने सेना को पत्र लिखकर उसकी बम निरोधक इकाई से सहायता मांगी है।

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द्वितीय विश्व युद्ध का है बम

अधिकारी ने बताया कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का प्रतीत होता है। हालांकि यह कहां का बम है। इसकी पुष्टि होना बाकी है। इस बम के निपटान के लिए जरूरी प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने पुलिस को बता दिया है कि इस शक्तिशाली बम को सामान्य बमों की तरह डिस्पोज नहीं किया जा सकता है। इसके लिए सेना के पास उपलब्ध तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत है।

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अमेरिकी का बना होने के संकेत

वहीं बहरागोड़ा पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। गांव के लोगों को इसके पास जाने या इसके साथ छेड़छाड़ करने की मनाही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गैस सिलेंडर जैसा दिखने वाला यह बम, पानिपाड़ा-नागुदसाई मार्ग पर रेत की खुदाई के दौरान मिला था। इस पर 'AN-M64 500 lb… American… unexploded' लिखा है। इससे संकेत मिल रहा है कि यह अमेरिका का बना हुआ कोई पुराना बम हो सकता है।

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