JPSC अभ्यर्थियों को कोर्ट से राहत, आयोग को उम्र में छूट देने का दिया निर्देश
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उम्र सीमा में छूट की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। मामले में हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने एक और निर्देश जारी किया है।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उम्र सीमा में छूट की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। मामले में हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस आनंद सेन की कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, उन्हें परीक्षा फॉर्म भरने का अवसर दिया जाए। इसके लिए आयोग को विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। करीब 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने याचिका दायर की है।
कोर्ट के आदेश के बाद ही जारी हो रिजल्ट
अदालत ने कहा कि प्रार्थियों को एक अलग लिंक या वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आवेदन करने दिया जाए और आयोग उनके आवेदन स्वीकार करे। यह राहत उम्र सीमा में छूट से जुड़े मामले में दी गई है, जिसमें कई अभ्यर्थियों ने पात्रता से बाहर होने का मुद्दा उठाया था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों का परिणाम अदालत की अंतिम अनुमति के बाद ही जारी किया जाएगा और नियुक्ति भी अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी। साथ ही राज्य सरकार और जेपीएससी को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल को निर्धारित की गई है।
अधिकतम आयु सीमा में छूट से जुड़ा है मामला
प्रार्थियों का कहना था कि नियुक्ति नियमावली के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा हर वर्ष आयोजित होनी चाहिए, लेकिन परीक्षा नियमित नहीं होने से कई अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा पार कर गए। पूर्व परीक्षाओं में आयु सीमा में छूट दी गई थी, जबकि इस बार अधिकतम आयु की गणना तिथि एक अगस्त 2026 तय होने से कई उम्मीदवार पात्रता से बाहर हो गए।




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