झारखंड में मौसम का कहर, कई जिलों में आंधी- बारिश से बर्बादी; बिजली गिरने से चार की मौत
झारखंड में रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में शुक्रवार को आंधी-बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। खेतों में फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचा, वहीं ठनका से चार लोगों की मौत हो गई।

झारखंड में रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में शुक्रवार को आंधी-वारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। खेतों में फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचा, वहीं ठनका से चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवा और ओले गिरने से खेती-बारी पर बुरा असर पड़ा है। पूर्वी सिंहभूम में आंधी के साथ 11.8 मिमी चारिश हुई। वहीं बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह समेत अन्य जिलों में कहीं-कहीं बारिश हुई। रांची में देर शाम तेज हवा के साथ बारिश हुई।
इधर, हजारीयाग के कटकमसांड़ी में वारिश के दौरान वज्रपात से एक ही महिलाओं की मौत हो एक व्यक्ति संजय भुइयां मृतकों में जेहरा निवासी र कल्याणी देवी शामिल चतरा के पत्थलगड्डा में हो महिला संघानी गांव निवासी शमां परवीन की मौत हो गई, हजारीबाग में शुक्रवार को आंधी के साथ बारिश हुई, जिससे सड़कों पर जलजमाव हो गया। जबकि दो अन्य महिलाएं लाडली परवीन और जेकुला निशा घायल हो रामगढ़ के बरलंगा में भी खेत में गई। मवेशी चरा रहे युवक जतन र की ठनका गिरने से मौत हो गई।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में यह बदलाव
मौसम विभाग, रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन झारखंड और पश्चिम चंगाल के गांगेय क्षेत्र तक कायम है। इससे मौसम में यह बदलाव हो रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में शनिवार को भी तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है। हालांकि, रविवार से मौसम साफ हो जाएगा और दिन में तीखी धूप पड़ने की संभावना है। वहीं सोमवार से गर्मी बढ़ने लगेगी, जिससे तापमान तेजी से बढ़ेगा।
पारा एक डिग्री गिरा
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान रांची का अधिकतम तापमान 3.3.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री दर्ज किया गया। चाईबासा शहर और आसपास के इलाकों में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के साथ जोरदार वर्षा हुई, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग जहां थे, वहीं आंधी और बारिश से बचने की कोशिश करते नजर आए।
सड़कें सुनसान हो गईं। सड़कों पर गतिविधियां लगभग ठप पड़ गईं। छोटे वाहनों और बाइकों का आवागमन भी बहुत कम हो गया। हर कोई सुरक्षित जगह पर खुद को बचाने में जुट गया। वर्षा के बाद मौसम में ठंडक आ गई। देर शाम तक रुक-रुक कर हल्की-फुल्की बारिश होती रही। वर्षा के कारण लोगों की सामान्य गतिविधियां भी धीमी पड़ गईं।.




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