बजट से झारखंड को रेलवे के लिए 7500 करोड़ की सौगात, कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को बताया कि राज्य में रेलवे परियोजनाओं को तेजी देने के लिए बजट में 7,536 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने यह जानकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मीडिया से बातचीत में दी।

केंद्रीय बजट 2026-27 में झारखंड को रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को बताया कि राज्य में रेलवे परियोजनाओं को तेजी देने के लिए बजट में 7,536 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने यह जानकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मीडिया से बातचीत में दी।
रेल मंत्री ने कहा कि झारखंड में इस समय 63,470 करोड़ रुपये की लागत वाली रेलवे परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में चल रही हैं, जो राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रेल परियोजनाएं हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड को 12 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें और 4 अमृत भारत ट्रेनें आवंटित की गई हैं।
इसके अलावा, राज्य के लिए 2 और अमृत भारत ट्रेनों की योजना पर काम चल रहा है। इन प्रस्तावित ट्रेनों में से एक को धनबाद-कोयंबटूर रूट पर पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जो जल्द ही शुरू की जाएगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि झारखंड में कई रेलवे कनेक्टिविटी परियोजनाएं लंबे समय से लंबित थीं। अब उन सभी परियोजनाओं के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही हैं और उन्हें मंजूरी देने की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में राज्य की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
रेल मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि वर्ष 2014 के बाद से झारखंड में करीब 1,400 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाई जा चुकी है, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पूरे रेल नेटवर्क से भी ज्यादा है।
बयान के मुताबिक, राज्य के 57 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया है, जिन पर 2,153 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से आठ स्टेशनों- गोविंदपुर रोड (फेज-1), राजमहल, शंकरपुर, साहिबगंज, मधुपुर, गोड्डा, लोहरदगा और पिस्का—पर काम पूरा हो चुका है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं से झारखंड में यात्री सुविधाएं, माल ढुलाई और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।




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