झारखंड के कोडरमा में होली पर डीजे बजाने को लेकर बवाल, एक दर्जन घायल; 8 गिरफ्तार
कोडरमा के वनपोक गांव में बुधवार शाम होली पर डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। पत्थरबाजी में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस ने दोनों पक्षों पर प्राथमिकी दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

झारखंड के कोडरमा के डोमचांच प्रखंड स्थित वनपोक गांव में बुधवार की शाम होली के जश्न के दौरान डीजे बजाने और रास्ते के विवाद को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-डंडे चले और जमकर पत्थरबाजी हुई जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मौके से डीजे भी जब्त कर लिए हैं। गांव में शांति बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं।
कहासुनी के बाद मारपीट
बताया जाता है कि बुधवार की शाम को होली के दौरान डोमचांच प्रखंड के नवलशाही थाना क्षेत्र के वनपोक गांव में एक घर के समीप डीजे बजाया जा रहा था। दूसरे पक्ष के लोग भी डीजे बजाते हुए गुजर रहे थे। इसी दौरान रास्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते मारपीट में तब्दील हो गई।
8 गिरफ्तार
विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे और भीड़ में किसी ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस मारपीट में दर्जनभर से अधिक लोग घायल हो गए। इस बवाल को लेकर गुरुवार को थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसमें दर्जनभर से अधिक लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों डीजे को जब्त कर लिया गया है।
रांची में 7 की मौत
रांची में कई जगहों पर सड़क हादसों और अन्य दुर्घटनाओं ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। होली के दिन रिम्स इमरजेंसी में घायलों की भारी भीड़ जमा हो गई। होली पर कुल 56 घायलों को इलाज के लिए रिम्स लाया गया जिनमें से 7 लोगों की अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अभी 38 मरीजों का रिम्स में इलाज चल रहा है जिनमें से चार-पांच मरीजों की हालत नाजुक है।
अधिकांश मामले सड़क हादसों से जुड़े
रिम्स की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों की मानें तो अधिकांश मामले सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित हैं। होली के दिन शराब पीकर गाड़ी चलाना, तेज रफ्तार और लापरवाही इन हादसों के मुख्य कारण रहे। अलग-अलग इलाकों से घायलों को एंबुलेंस और निजी गाड़ियों के जरिए रिम्स के ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी वार्ड में लाया गया है। इससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी देखी गई। राहत की बात यह कि अस्पताल प्रशासन ने पहले ही इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट पर रखा था।




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