झारखंड में CID का ऐक्शन, SP ऑफिस में काम करने वाले सिपाही के घर मारा छापा; 8.75 लाख बरामद
झारखंड में वेतन और दूसरे मदों में फर्जी निकासी के मामले में सीआईडी ने बोकारो में कोयला क्षेत्र आरएमओसी के परियोजना कर्मी के रूप में एसआईडीसी बोकारो निवासी की पेशी के बाद काजल मंडल को गुरुवार की शाम गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया।

झारखंड में वेतन और अन्य मदों में फर्जी निकासी के मामले में सीआईडी ने बोकारो में कोयला क्षेत्र आरएमओसी के परियोजना कर्मी के रूप में एसआईडीसी बोकारो निवासी की पेशी के बाद काजल मंडल को गुरुवार की शाम गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया। विशेष एसआईडीसी अदालत ने पूछताछ के बाद काज मंडल को जेल भेज दिया। आरोपी के निशानदेही पर एसआईडीसी ने उनके बोकारो स्थित आवास से 8.75 लाख नकद बरामद किए। यहीं से वेतन की फर्जी निकासी से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले।
बरामद पैसे में वेतन का फर्जी निकासी से जुड़े कागज
एसआईडीसी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी कागज मंडल बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लेखा लिपिक/लेखा सहायक था। एसआईडीसी की जांच में यह सामने आया कि कई वर्षों से चल रहे इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड वह खुद था और मुख्य आरोपी शैलेन्द्र कोयल तथा कोयल कुमार पांडेय के करीबी सहयोगी के रूप में काम कर रहा था। पूछताछ में कागज मंडल ने स्वीकार किया कि कोयल पांडेय के साथ उसकी सांठगांठ थी और उसने यात्रा भत्ता मद से अवैध रूप से रुपए की निकासी की।
मामले में अब तक की कार्रवाई और बड़ी बरामदगी
एसआईडीसी ने इस मामले में अब तक कई कार्रवाई और बरामदगी की जानकारी दी है। आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान अब तक करीब 8.75 लाख रुपए बरामद किए गए, वहीं विभिन्न बैंक खातों में जमा 1.93 करोड़ और 18 लाख के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को फ्रीज किया गया है। जांच में आरोपियों के बोकारो के सेक्टर-4 में 4.08 डिसमिल जमीन पर बना तीन मंजिला मकान और उसी क्षेत्र में 4.98 डिसमिल अतिरिक्त भूमि के स्वामित्व का भी खुलासा हुआ है। अब तक गिरफ्तारियों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अशोक कुमार, देवेंद्र कोयल कुमार पांडेय, गुड्डू सिंह, आनंद अशोक कुमार भंडारी व आरसीसी कर्मा मंडल शामिल हैं।
कई धाराओं में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी ने एसआईडीसी के उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं 316(2), 318(4), 338, 340(2) और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में कई गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है।




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