झारखंड में सब-जोनल कमांडर समेत 2 नक्सली गिरफ्तार, एक पर घोषित था 5 लाख रुपए का इनाम
ये दोनों गिरफ्तारियां एक ऐसे समय में हुई हैं जब दो दिन पहले ही यानी 21 मई को कई वरिष्ठ कमांडरों सहित 27 माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया था। ये सभी नक्सली 1 करोड़ रुपए के इनामी और भाकपा (माओवादी) के आखिरी सक्रिय पोलितब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के दस्ते से जुड़े हुए थे।

झारखंड के लातेहार जिले में सुरक्षाबलों को हाल ही में उस वक्त बड़ी कामयाबी मिली जब उन्होंने 5 लाख के इनामी समेत कुल दो नक्सलियों को धर दबोचा। गिरफ्तार माओवादियों में से एक की पहचान शिवनारायण सिंह उर्फ शिव के रूप में हुई है। जो कि नक्सलियों के प्रतिबंधित संगठन JJMP (झारखंड जन मुक्ति परिषद) का सब जोनल कमांडर है और उस पर 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित था। जबकि दूसरे गिरफ्तार माओवादी की पहचान सकलदीप उरांव के रूप में हुई है, जो कि इसी संगठन का 'एरिया कमांडर' है। पुलिस ने बताया कि शिव के खिलाफ लातेहार, चतरा और रांची जिलों में 24 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस बारे में जानकारी देते हुए लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने शनिवार को बताया कि सुरक्षाबलों ने इस कार्रवाई को एक दिन पहले एक खुफिया सूचना के आधार पर अंजाम दिया। इस दौरान पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को धनकारा मोड़ के पास से शिव को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उससे मिली जानकारी के आधार पर सकलदीप को सेमेरियाटांड स्थित उसके घर से धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि ये दोनों जिस झारखंड जन मुक्ति परिषद से जुड़े हुए हैं, वह CPI (माओवादी) से अलग हुआ एक गुट है।
दो दिन पहले ही 27 नक्सलियों ने किया था आत्मसमर्पण
बता दें कि ये दोनों गिरफ्तारियां एक ऐसे समय में हुई हैं जब दो दिन पहले ही यानी 21 मई को कई वरिष्ठ कमांडरों सहित 27 माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया था और झारखंड में दम तोड़ रही नक्सली विचारधारा को बहुत करारा झटका दिया था। ये सभी नक्सली 1 करोड़ रुपए के इनामी और भाकपा (माओवादी) के आखिरी सक्रिय पोलितब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के दस्ते से जुड़े हुए थे।
सात कमांडरों के सिर घोषित था 5-5 लाख का इनाम
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में सात 'सब-जोनल कमांडर'और छह 'एरिया कमांडर' शामिल थे। इन सात कमांडरों में से पांच के सिर पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। साथ ही इन्हीं कमांडरों में से एक सागेन अंगारिया उर्फ डोकोल (50 साल) की तलाश 123 मामलों में थी, जबकि गादी मुंडा उर्फ गुलशन (34 साल) की तलाश 48 मामलों में थी, वहीं नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा (50 साल) की तलाश 38 आपराधिक मामलों में थी।
इस गिरफ्तारी के बाद आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर, सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया था। जब्त सामान में 5 INSAS और 9 SLR राइफलें तथा 2,987 कारतूस शामिल थे।




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