महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा का हमला, विपक्ष पर अधिकार छीनने का आरोप
भाजपा जमशेदपुर महानगर ने महिला आरक्षण कानून के संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर हमला बोला। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ में महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया। भाजपा 25 अप्रैल से इस मुद्दे पर राज्यस्तरीय आंदोलन शुरू करेगी।

33% महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने पर भाजपा जमशेदपुर महानगर ने बिष्टूपुर स्थित तुलसी भवन में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ में आधी आबादी को उनके अधिकार से वंचित किया। यह विधेयक महिलाओं को संवैधानिक हक देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था, लेकिन इसे जानबूझकर रोका गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना, आवास योजना और मुद्रा योजना जैसी पहलें कीं।
बावजूद इसके, जब 33% आरक्षण देने का समय आया, विपक्ष ने बाधा खड़ी कर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2023 के कानून में जनगणना और परिसीमन का प्रावधान है और संशोधन का उद्देश्य 2029 तक आरक्षण लागू करना था। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 1990 के दशक से लेकर अब तक महिला आरक्षण बिल को बार-बार टालने का काम कांग्रेस ने ही किया है। जब सत्ता में रही, तब भी पास नहीं कराया और अब भी वही नीति जारी है।भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप साही ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सुनियोजित तरीके से महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को रोका। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि कांग्रेस का इतिहास इसे टालने का रहा है। परिसीमन मुद्दे पर भी उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्षों तक इसे रोककर रखा गया। हम 33% आरक्षण देना चाहते हैं, लेकिन 60 साल तक शासन करने वाली कांग्रेस एक प्रतिशत भी नहीं देना चाहती और अब 33% को भी रोक रही है। उन्होंने झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि एकीकृत बिहार के समय पंचायती राज में महिलाओं को आरक्षण नहीं था, लेकिन भाजपा की अर्जुन मुंडा सरकार ने 50% आरक्षण लागू कर महिलाओं को सशक्त बनाया। भाजपा की नीयत और नीति दोनों साफ है। हम महिला आरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।राज्यस्तरीय आंदोलन 25 सेभाजपा नेताओं ने ऐलान किया कि इस मुद्दे को लेकर 25 अप्रैल से राज्यस्तरीय आंदोलन चलाया जाएगा और इसे जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। 30 अप्रैल तक मंडल स्तर तक कार्यक्रम आयोजित कर घर-घर यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि मोदी सरकार महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी इसे रोकने का काम कर रहे हैं। इस मौके पर भाजपा नेता मीरा मुंडा, जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा, मीडिया प्रभारी प्रेम झा सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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