In Jharkhand, life-sentenced prisoners will be released झारखंड में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी होंगे रिहा, मगर कौन? योजनाओं का लाभ भी मिलेगा, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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झारखंड में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी होंगे रिहा, मगर कौन? योजनाओं का लाभ भी मिलेगा

सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को कांके रोड, रांची स्थित सीएम आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न कारागारों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा किए जाने से संबंधित निर्णय पर सहमति बनी।

Tue, 3 March 2026 10:03 AMRatan Gupta हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी होंगे रिहा, मगर कौन? योजनाओं का लाभ भी मिलेगा

सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को कांके रोड, रांची स्थित सीएम आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न कारागारों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा किए जाने से संबंधित निर्णय पर सहमति बनी। बैठक में राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ‑साथ पिछली बैठकों में रिहाई से संबंधित अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की भी गहन समीक्षा की गई।

सीएम सोरेन ने बैठक में की अनुशंसा

सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की अनुशंसा के आलोक में आजीवन सजा काट रहे 34 कैदियों के रिहाई प्रस्ताव पर बिंदुवार गहन विचार-विमर्श किया और अंततः 23 कैदियों की रिहाई पर सहमति दी गई। सीएम ने कैदियों के अपराध की प्रवृत्ति, न्यायालयों, संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों एवं प्रोबेशन अधिकारियों द्वारा दिए गए मंतव्यों की समीक्षा करने के बाद यह सुनिश्चित किया कि रिहाई न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा एवं कारा अधिनियमों के दृष्टिकोण से वैध और उचित रहे।

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बैठक के दौरान सीएम ने रिहा होने वाले कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि डायन-बिसाही के आरोप में रहे कैदियों के बीच महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जागरुकता अभियान चलाया जाए।

योजनाओं का लाभ भी मिलेगा

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, उनका आय सृजन और सामाजिक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए तथा जिला स्तर पर उनके जीवनयापन के लिए निर्धारित जिला समन्वयकों की विशेष जिम्मेदारी तय की जाए। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा, प्रधान सचिव ‑विधि परामर्शी, विधि विभाग नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक, कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं सुदर्शन प्रसाद मंडल, न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।