बोकारो में हाथियों का तांडव जारी, 3 बुजुर्गों को मारने के बाद दादा-पोते को कुचला, मौत
बोकारो के गोमिया प्रखंड में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई कि शुक्रवार की देर शाम हाथी ने दो और की जान ले ली।

बोकारो के गोमिया प्रखंड में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई कि शुक्रवार की देर शाम हाथी ने दो और की जान ले ली। घटना महुआटांड़ के गांगपुर गांव की है, जहां हाथी ने 50 वर्षीय सोमर साव और उनके नौ वर्षीय पोते आयुष कुमार को कुचल कर मार डाला।
बताया गया कि गांगपुर गांव के लोग हर दिन शाम के बाद हाथी के डर से इन दिनों छत पर चले जाते हैं। शुक्रवार देर शाम हाथी ने गांव में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। सोमर साव पोते आयुष कुमार को गोद में लेकर अपने घर की छत पर जा रहे थे। इस बीच हाथी ने उनपर हमला कर दिया। फिर दोनों को कुचल कर मार डाला।
हाथी के हमले में 12 वर्षीया पोती राशि कुमारी, आठ वर्षीय नाती राहुल कुमार समेत सोमर साव की 52 वर्षीया समधन गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस से रामगढ़ भेजा गया है। वहीं डीसी से बात कर पूरे क्षेत्र में तत्काल रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की गई। मालूम हो कि गोमिया में बुधवार की रात भी हाथियों ने एक ही परिवार के लोगों को मार डाला था।
झारखंड के बोकारो जिले में बृहस्पतिवार तड़के पांच हाथियों के एक झुंड के हमले में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और एक महिला घायल हो गई। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह घटना महुआदनार थाना क्षेत्र के बड़कीपुन्नू गांव में तड़के लगभग तीन बजे हुई।
बोकारो के प्रभागीय वन अधिकारी संदीप सिंदे ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''पांच हाथियों के एक झुंड ने धान की तलाश में पीड़ित परिवार के घर पर हमला किया और घर के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया। जब परिवार के तीन लोगों ने जान बचाने के लिए बाहर भागने की कोशिश की, तभी हाथियों ने उन पर हमला कर दिया। इसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई।''




साइन इन