रांची से दिल्ली जा रहा विमान कैसे हुआ क्रैश? अधिकारियों ने क्या बताया
झारखंड में चतरा जिले के सिमरिया के पास एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। 'रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी।

झारखंड में चतरा जिले के सिमरिया के पास एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई 'रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, तभी सोमवार शाम को यह सिमरिया के जंगली इलाके में स्थित बरियातु पंचायत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें दो पायलट सहित विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे की वजह खराब मौसम बताया जा रहा है। रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि खराब मौसम दुर्घटना का कारण हो सकता है। हालांकि, दुर्घटना का असली कारण जांच के बाद ही पता चलेगा।
इस बीच, उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने बताया कि हो सकता है कि दुर्घटना आंधी-तूफान के कारण हुई। कुल सात लोग मारे गए हैं। दो चालक दल के सदस्य थे, और शेष पांच एक मरीज और उसके परिवार के सदस्य थे। एक अधिकारी ने को बताया, हम सभी सात शवों को पोस्टमार्टम के लिए चतरा स्थित सदर अस्पताल लेकर आए हैं। दुर्घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि विमान ने रांची हवाई अड्डे से शाम सात बजकर 11 मिनट पर उड़ान भरी थी और लगभग साढ़े सात बजे लापता हो गया। उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान का वायु यातायात नियंत्रण विभाग से संपर्क टूट गया।
किन 7 लोगों की मौत?
मृतकों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई है। इस बीच, चतरा जिले में शोक का माहौल है। दुर्घटना में मारे गए लोगों के करीबी और प्रियजन सदमे में हैं। दुर्घटना में जान गंवाने वाले डॉ. विकास कुमार गुप्ता के पिता बजरंगी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी सारी जमीन बेच दी थी, जिसकी तैनाती रांची के सदर अस्पताल में थी। प्रसाद ने बताया, उसका सात साल का बेटा है। वह मेधावी छात्र था और उसने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी।
वहीं, संजय कुमार के परिवार के सदस्यों ने इस त्रासदी के लिए खराब स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को जिम्मेदार ठहराया। उनके एक रिश्तेदार ने कहा, अगर रांची में मेरे बहनोई संजय का सही इलाज हो जाता, तो अनमोल जानें बचाई जा सकती थीं। इस घटना में मैंने संजय और बहन अर्चना देवी दोनों को खो दिया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि बीचक्राफ्ट सी90 विमान (वीटी-एजेवी) रांची-दिल्ली मार्ग पर मरीजों को ले जा रहा था तभी वह चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें कहा गया है, विमान ने भारतीय समयानुसार सात बजकर 11 मिनट पर रांची से उड़ान भरी। सात बजकर 34 मिनट पर कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद विमान का वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में कोलकाता से संचार और रडार संपर्क टूट गया।
बयान में कहा गया है कि विमान में चालक दल के दो सदस्यों सहित सात लोग सवार थे। वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की एक टीम को दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है।
भाषा से इनपुट




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