Elephants block railway tracks for 11 hours over the death of their calf in Jharkhand झारखंड में हाथियों का विरोध, अपने बच्चे की मौत पर 11 घंटे तक रेलवे ट्रैक को घेरा; खड़ी रहीं ट्रेनें, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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झारखंड में हाथियों का विरोध, अपने बच्चे की मौत पर 11 घंटे तक रेलवे ट्रैक को घेरा; खड़ी रहीं ट्रेनें

झारखंड में हाथियों के विरोध का गजब मामला सामने आया है। मालगाड़ी की चपेट में आने से अपने एक बच्चे की मौत हो जाने के बाद हाथियों के झुंड ने रेलवे ट्रैक को घेर लिया। इस वजह से करीब 11 घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही। बाद में ट्रेनों के मार्ग बदले गए। कई ट्रेनें धनबाद होकर रवाना की गईं। 

Wed, 18 Feb 2026 08:37 AMSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान/रामगढ़
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झारखंड में हाथियों का विरोध, अपने बच्चे की मौत पर 11 घंटे तक रेलवे ट्रैक को घेरा; खड़ी रहीं ट्रेनें

झारखंड में हाथियों के विरोध का गजब मामला सामने आया है। मालगाड़ी की चपेट में आने से अपने एक बच्चे की मौत हो जाने के बाद हाथियों के झुंड ने रेलवे ट्रैक को घेर लिया। इस वजह से करीब 11 घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही। बाद में ट्रेनों के मार्ग बदले गए। कई ट्रेनें धनबाद होकर रवाना की गईं। पूरी रात ट्रैक पर डेरा डालने के बाद सुबह में हाथियों का झुंड वहां से हटा।

15 हाथियों का झुंड ट्रैक पार कर रहा था

झारखंड के महुआमिलान-निंद्रा स्टेशन के बीच बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर पुतरीटोला के समीप सोमवार की शाम सात बजे मालगाड़ी की चपेट में आकर हाथी का बच्चा घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई। इससे नाराज हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पर खड़ा हो गया। इससे रेल परिचालन करीब 11 घंटे बाधित रहा। बताया जा रहा है कि करीब 15 हाथियों का झुंड ट्रैक पार कर रहा था, तभी हादसा हुआ।

टीमें रात में ही मौके पर पहुंची

जानकारी के अनुसार, बच्चे के घायल होने पर हाथियों का झुंड ट्रैक पर ही उसे घेर कर खड़ा रहा, जिससे रेल परिचालन ठप हो गया। सूचना पर वन विभाग, रेलवे प्रशासन, स्टेशन प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की टीम रात में ही मौके पर पहुंची। लेकिन, हाथियों के ट्रैक पर जमे रहने से राहत कार्य शुरू नहीं किया जा सका। मंगलवार को सुबह करीब 6 बजे झुंड के हटने पर सामान्य हुआ।

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कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर फंसी रहीं

हाथियों के ट्रैक पर आने से कई ट्रेनों को रास्ते में ही रोकना पड़ा। इनमें रांची-गरीब रथ, टाटा वंदेभारत एक्सप्रेस, पलामू एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस, हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस, सासाराम इंटरसिटी को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। बाद में ट्रेनों के मार्ग बदले गए। कई ट्रेनें धनबाद होकर रवाना हुई। हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस को पहले बरकाकाना स्टेशन पर रोका गया। बाद में मार्ग डायवर्ट कर चलाया गया। बरकाकाना से हजारीबाग टाउन, कोडरमा और गया के रास्ते चलाया गया। इसी तरह अन्य ट्रेनों का भी मार्ग बदला गया।

इन ट्रेनों के बदले गए मार्ग

11448 हावड़ा- जबलपुर शक्तिपुंज एक्सप्रेस बरकाकाना, हजारीबाग टाउन, कोडरमा व गया होकर, 12877 रांची- नई दिल्ली गरीब रथ बरकाकाना, हजारीबाग टाउन, कोडरमा व गया होकर, 13347 बरकाकाना- पटना पलामू एक्सप्रेस, हजारीबाग टाउन, कोडरमा और गया होकर, 18635 रांची- सासाराम एक्सप्रेस बरकाकाना, हजारीबाग टाउन और कोडरमा और गया होकर, 18611 रांची- वाराणसी एक्सप्रेस बरकाकाना, हजारीबाग टाउन, कोडरमा, गया होकर, 18309 संबलपुर- जम्मूतवी एक्सप्रेस बरकाकाना, हजारीबाग टाउन, कोडरमा व गया , 18524 बनारस- विशाखापट्टनम एक्सप्रेस गढ़वा रोड, गया, गोमो, बोकारो व मूरी होकर, 21894 पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस गढ़वा रोड, गया रेक गोमो ले जाया गया। इसके अलावा कई ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट भी किया गया।