झारखंड में आज होगी निकाय चुनाव की मतगणना, कई उम्मीदवारों ने बुक किए बैंड-बाजा, पंजाबी ढोल और डीजे
राज्य के 48 स्थानीय निकायों में कुल 1,087 वार्ड हैं, लेकिन चुनाव 1,042 वार्डों में ही हुए हैं, क्योंकि 41 पार्षद निर्विरोध चुने गए थे और तीन वार्डों में नामांकन प्राप्त न होने के कारण सीट खाली रह गई थी, जबकि मानगो नगर निगम के एक वार्ड में उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान रद्द कर दिया गया।
झारखंड में हाल ही में 48 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) के लिए हुए चुनावों की मतगणना शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि मतगणना सुबह आठ बजे शुरू होगी और लगभग दो घंटे बाद परिणाम आने शुरू होने की उम्मीद है। इन चुनावों के लिए मतदान 23 फरवरी को हुआ था, जिसमें कुल 43 लाख मतदाताओं में से 63 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
इस बारे में जानकारी देते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधे श्याम प्रसाद ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, 'सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होगी। इन चुनावों में वार्ड पार्षदों और महापौर/अध्यक्षों के चुनाव के लिए सफेद और गुलाबी रंग के मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया था।'
धनबाद को छोड़ सब जगह शुक्रवार को पूरी हो जाएगी मतगणना
प्रसाद ने कहा, 'धनबाद को छोड़कर, 47 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में मतगणना शुक्रवार तक पूरी होने की उम्मीद है। धनबाद नगर निकाय में मतगणना शनिवार तक पूरी हो सकती है क्योंकि वहां नौ चरणों की मतगणना होगी।' प्रसाद ने बताया कि मतगणना केंद्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इन चुनावों में झारखंड के 48 स्थानीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष के पदों के लिए तथा 9 नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के 1,042 वार्डों में पार्षदों के लिए वोट डाले गए थे।
राज्य के 48 ULB में कुल 1,087 वार्ड हैं, लेकिन 1,042 वार्डों में चुनाव हुए, क्योंकि 41 पार्षद निर्विरोध चुने गए, तीन वार्डों में नामांकन प्राप्त न होने के कारण रिक्त स्थान रह गए और मानगो नगर निगम के एक वार्ड में उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान रद्द कर दिया गया।
महापौर पद के लिए मैदान में 562 उम्मीदवार
महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए 235 महिलाओं सहित कुल 562 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि वार्ड पार्षद पदों के लिए 2,727 महिलाओं सहित 5,562 उम्मीदवारों ने चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमाई। चुनाव किसी राजनीतिक दल के चिन्ह पर नहीं लड़ा गया, लेकिन उम्मीदवारों को विभिन्न दलों का समर्थन प्राप्त है।
रांची में दिन भर बनी रही गहमा-गहमी
मतगणना का समय करीब आते ही रांची नगर निगम के महापौर व 53 वार्ड से पार्षद पद के प्रत्याशियों में से कई की दिल की धड़कनें गुरुवार को बढ़ी रहीं। इस दौरान प्रत्याशी व समर्थकों के बीच मतगणना स्थल पर गिनती की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अनुमति पत्र तैयार कराने की भागदौड़ के बीच परिणाम को लेकर चर्चा चलती रही। चुनावी गणित में जोड़-घटाव के बीच हार-जीत को लेकर गुरुवार को दिनभर उम्मीदवारों के आवास समेत चौक-चौराहे पर चाय की दुकानों में चर्चा होती रहीं। इसी क्रम में हर बूथ से लीड लेने और चुनाव में विजय हासिल करने के बाद धूमधाम के साथ विजय जुलूस निकालने की तैयारी पर भी चर्चा चलती रही।
कई उम्मीदवारों ने पूजा-हवन कराया
निगम चुनाव में सिर पर जीत का ताज पहनने को बेताब कई उम्मीदवारों ने मंदिर और घरों में पूजा, अनुष्ठान के साथ हवन भी कराया। सभी जीत को लेकर मन में चल रही उधेड़बुन से ऊपर उठने और आत्मविश्वास से लबरेज रहने को लेकर अनुष्ठान में जुटे रहे। पूजा-पाठ के बाद ऐसे उम्मीदवारों के आवास पर जुटे मोहल्ले के लोगों व समर्थकों के बीच प्रसाद का वितरण भी हुआ और जयकारे लगाए गए।
चुनाव में भितरघातियों की पहचान का भी समय
जानकारों का कहना है कि मतगणना होने के साथ ही चुनाव में उम्मीदवारों की मदद करने वालों और भितरघात करने वालों की पहचान भी हो जाएगी। उम्मीदवारों के साथ उनके करीबियों के बीच इस मसले को लेकर भी दबी जुबान से चर्चा चलती रही। इसी क्रम में यह बात भी सामने आई कि अमुक बूथ से फलां ने सहयोग किया था कि नहीं, यह शुक्रवार को पता चल जाएगा। कई उम्मीदवारों ने बताया कि यही नहीं शत प्रतिशत सहयोग करने का दावा पेश कर उम्मीदवारों से खर्चा पानी के नाम पर मोटी रकम लेने वाले भितरघातियों की भी पहचान मतपेटियों के खुलने के बाद हो जाएगी।
बैंड-बाजा, पंजाबी ढोल और डीजे तक की बुकिंग
चुनाव में जीत का शत प्रतिशत अनुमान लगाने वाले कई उम्मीदवारों के समर्थकों ने विजय जुलूस की तैयारी भी शुरू कर रखी है। इसी क्रम में तरह-तरह के पटाखों के अलावा बैंड-बाजा, पंजाबी ढोल और यहां तक की डीजे की भी बुकिंग की जा चुकी है। जीत के प्रति आश्वस्त कई प्रत्याशियों ने स्वयं ऐसे मामलों में रूचि दिखाई। इसके साथ ही अन्य तरह की तैयारी को लेकर भी अंतिम रूप दिया जाता रहा। मतगणना स्थल पर किस तरह के कपड़े पहनकर जाने पर आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे और जीत के बाद मतगणना केंद्र से बाहर निकलने पर मुख्य द्वार पर किस तरह से स्वागत करना है, इसको लेकर भी तैयारी देर शाम तक चल रही थी।




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