झारखंड में नहीं होगी बालू की किल्लत, इन 17 घाटों पर मिली खनन की मंजूरी
झारखंड में बालू घाटों के संचालन और राजस्व संग्रह को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न जिलों के 17 बालू घाटों एवं सैंड डिपॉजिट की लीज डीड पर शनिवार को हस्ताक्षर किए गए। इन जिलों में गोड्डा, जामताड़ा, रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़, दुमका और खूंटी जिलों के घाट शामिल हैं।

झारखंड में बालू घाटों के संचालन और राजस्व संग्रह को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न जिलों के 17 बालू घाटों एवं सैंड डिपॉजिट की लीज डीड पर शनिवार को हस्ताक्षर किए गए। इन जिलों में गोड्डा, जामताड़ा, रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़, दुमका और खूंटी जिलों के घाट शामिल हैं।
खान और भूतत्व विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, गोड्डा जिले के राहा और झिलुआ, जामताड़ा के आसनचुआ, रांची के श्यामनगर तथा चोकसेरेंग, बोकारो के पिछरी-2 और खेतको-चलकरी बालू घाट की लीज डीड पर हस्ताक्षर हुए। इनमें श्यामनगर बालू घाट का क्षेत्रफल पांच हेक्टेयर है, जिसकी वार्षिक पर्यावरण स्वीकृत मात्रा 25.42 लाख घन फीट से अधिक है। जमशेदपुर के कोरेयामोहनपाल तथा कोरेयामोहनपाल-सुवर्णरेखा, लातेहार के टुबेद और बाजकुम, हजारीबाग के सांध सोनपुरा एवं लंगातू सिकरी सिर्मा, रामगढ़ के सिरका और पैंकी, दुमका के छोटाकामती (रानेश्वर) एवं हरिपुर (जरमुंडी) तथा खूंटी के पांडु और बुधिरोमा सैंड डिपॉजिट भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन घाटों के संचालन से बालू की वैध उपलब्धता बढ़ेगी। अवैध खनन पर अंकुश लगेगा तथा राज्य को राजस्व प्राप्ति में वृद्धि होगी। साथ ही निर्माण कार्यों के लिए बालू की आपूर्ति भी सुचारू रूप से सुनिश्चित हो सकेगी।
चार जिलों के आठ बालू घाटों को मिला सीटीओ
राज्य में मानसून और एनजीटी की संभावित रोक से पहले सरकार ने बालू संकट से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में चार जिलों के कुल आठ बालू घाटों के संचालन के लिए कन्सेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) आवेदनों को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। गोड्डा में सबसे ज्यादा तीन बालू घाटों को मंजूरी मिली है। इसके बाद हजारीबाग और पूर्वी सिंहभूम जिलों में दो-दो बालू घाटों को सीटीओ मिला है। वहीं, राजधानी रांची के एक बालू घाट को भी संचालन की प्रशासनिक अनुमति मिल चुकी है।
बालू भंडारण के आवेदनों को मंजूरी, दुमका शीर्ष पर
राज्य में सुरक्षित बालू भंडारण के लिए कुल 13 कंबाइंड सीटीई (स्थापना की सहमति) और सीटीओ (संचालन की सहमति) आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। इस मंजूरी से निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता आसान होगी। विभागीय जानकारी के मुताबिक, दुमका में सबसे ज्यादा कुल चार स्टॉक यार्ड हैं। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम, गोड्डा और हजारीबाग जिलों में दो-दो स्टॉक यार्ड को मंजूरी मिली है। वहीं, राजधानी रांची, खूंटी और बोकारो में एक-एक आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इस व्यवस्था से एनजीटी की रोक वाले महीनों में भी राज्य में बालू की किल्लत नहीं होगी।




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