worked for years to bring India closer to the US yet you chose Pakistan rahm Emanuel to Donald Trump भारत को अमेरिका के करीब लाने में सालों मेहनत की, आपने पाकिस्तान को चुन लिया; ट्रंप को किसने सुनाया, International Hindi News - Hindustan
More

भारत को अमेरिका के करीब लाने में सालों मेहनत की, आपने पाकिस्तान को चुन लिया; ट्रंप को किसने सुनाया

ट्रंप ने गुरुवार को एक बार फिर दावा किया कि ईरान के साथ वार्ता में प्रगति हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि कोई शांति समझौता होता है तो वह उस पर हस्ताक्षर करने में शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा, 'अगर इस्लामाबाद में समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो मैं जा सकता हूं।'

Fri, 17 April 2026 09:44 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share
भारत को अमेरिका के करीब लाने में सालों मेहनत की, आपने पाकिस्तान को चुन लिया; ट्रंप को किसने सुनाया

पाकिस्तान से बढ़ती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी की अमेरिकी नेता आलोचना कर रहे हैं। अब पूर्व राजनयिक रैम एमेनुएल ने एक बार फिर भारत से संबंधों को 'नकारने' को लेकर ट्रंप पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि भारत को अमेरिका के करीब लाने में कई राष्ट्रपतियों ने मेहनत की है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने उसे पूरी तरह नकार दिया। इससे पहले भी एमेनुएल खुलकर ट्रंप प्रशासन पर पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर सवाल उठा चुके हैं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में एमेनुएल ने कहा, '...अमेरिका के चार अलग-अलग राष्ट्रपतियों ने भारत को अपने करीब लाने की जो कोशिशें की थीं, उन्हें मौजूदा राष्ट्रपति ने पूरी तरह ठुकरा दिया है। हमने भारत के ऊपर पाकिस्तान को चुना है।'

पहले भी उठा चुके सवाल

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके एमेनुएल बीते साल भी ट्रंप प्रशासन पर सवाल उठाए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा था कि ट्रंप ने भारत और अमेरिका के सालों के संबंध को इसलिए तबाह कर दिया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोबेल पुरस्कार के लिए उनका नाम नहीं बढ़ाया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:शहबाज शरीफ की इज्जत बच गई! कंगाल पाकिस्तान को सऊदी प्रिंस ने दिए 2 अरब डॉलर

उन्होंने कहा था, 'उन्होंने (ट्रंप) सब इसलिए खराब कर दिया, क्योंकि मोदी ने यह नहीं कहा था कि राष्ट्रपति सीजफायर के लिए नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं।' खास बात है कि भारत ने साफ किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर का फैसला द्विपक्षीय था और इसमें किसी तीसरे मुल्क की भूमिका नहीं थी। भारत ने कहा था कि पाकिस्तान के डीजीएमओ के अनुरोध पर संघर्ष विराम किया गया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बहुत पास आ गईं भारत और पाकिस्तान की नौसेना, होर्मुज के पास दिखा अजब नजारा

ट्रंप कर रहे हैं पाकिस्तान की तारीफ

ट्रंप ने गुरुवार को एक बार फिर दावा किया कि ईरान के साथ वार्ता में प्रगति हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि कोई शांति समझौता होता है तो वह उस पर हस्ताक्षर करने में शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा, 'अगर इस्लामाबाद में समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो मैं जा सकता हूं।'

उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की प्रशंसा करते हुए कहा, 'फील्ड मार्शल बहुत अच्छे हैं। पाकिस्तान में प्रधानमंत्री भी बहुत अच्छे हैं, इसलिए शायद मैं जाऊं। वे मुझे चाहते हैं।'

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:समझौता हुआ तो खुद जाऊंगा पाकिस्तान, ट्रंप का ऐलान; आसिम मुनीर का फिर किया गुणगान

इससे पहले भी ट्रंप ने मुनीर की तारीफ की थी। बुधवार को ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत दिए थे। साथ ही संभावित दूसरे दौर की बातचीत का श्रेय पाकिस्तानी सेना के चीफ फील्ड मार्शल मुनीर को दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'इसके होने की संभावना है, आप जानते हैं क्यों? क्योंकि फील्ड मार्शल बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।'

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।