बहुत पास आ गईं भारत और पाकिस्तान की नौसेना, होर्मुज के पास दिखा अजब नजारा
अमेरिका- ईरान जंग खत्म होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं पर परमाणु पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अमेरिका का स्पष्ट कहना है कि ईरान परमाणु से कदम पीछे खींचे। वहीं ईरान पूरी तरह से इससे अलग होने को तैयार नहीं है। दूसरे दौर की शांति वार्ता की तैयारियों के बीच ईरानी सूत्रों ने ये दावा किया है।

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास तनाव जारी है। इसी बीच भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं को होर्मुज के पास एक-दूसरे से बहुत कम दूरी पर काम करते देखा गया। खास बात है कि अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों से जहाजों के आवागमन पर रोक लगा रखी है। वहीं, ईरान का दावा है कि होर्मुज पर अब भी उसका नियंत्रण है।
इंटेल लैब से जुड़े ओपन सोर्स इंटेलिजेंस एनालिस्ट डेमियन साइमन ने इस दुर्लभ घटना की जानकरी दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'अभी हाल ही में एक अनोखी चीज देखने को मिली: ओमान के तट के पास भारत और पाकिस्तान के नौसेना जहाज एक-दूसरे से सिर्फ 18 समुद्री मील की दूरी पर मौजूद हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच दोनों देश अपने-अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं।'
भारतीय नौसेना मुस्तैद
खबर है कि भारतीय नौसेना ने ऊर्जा सुरक्षा के तहत जलमार्गों में मोर्चा संभाल रखा है। इसके जरिए भारत आ रहे एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल के जहाजों की रक्षा सुनिश्चित की जा रही है। मार्च में द हिंदू से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा था, 'हम फारस की खाड़ी और होर्मुज से लेकर अरब सागर तक जहाजों को सुरक्षा दे रहे हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाने में मदद कर रहे हैं, ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।'
उन्होंने बताया था कि युद्धपोत तनावपूर्ण क्षेत्र से निकलने के लिए जहाजों को रास्ता दिखाने समेत कई मामलों में मदद कर रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी भारत के 10 से ज्यादा जहाज होर्मुज पर अटके हुए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा स्थिति
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका- ईरान जंग खत्म होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं पर परमाणु पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अमेरिका का स्पष्ट कहना है कि ईरान परमाणु से कदम पीछे खींचे। वहीं ईरान पूरी तरह से इससे अलग होने को तैयार नहीं है। दूसरे दौर की शांति वार्ता की तैयारियों के बीच ईरानी सूत्रों ने ये दावा किया है।
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष मतभेदों को मिटाने और होर्मुज पर सर्वसम्मति से आगे बढ़ने के लिए रास्ता तलाश रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि वर्षों से अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहा ईरान बड़े स्तर पर राहत चाहता है। सूत्रों के अनुसार तेहरान ने अमेरिका को प्रस्ताव दिया है कि वो होर्मुज में ओमान की ओर से पोतों को बिना किसी हमले के खतरे के गुजरने देगा, लेकिन शर्त है कि इसके लिए ठोस समझौता जरूरी है।
खुद पाकिस्तान जा सकते हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बार फिर दावा किया कि ईरान के साथ वार्ता में प्रगति हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि कोई शांति समझौता होता है तो वह उस पर हस्ताक्षर करने में शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा, 'अगर इस्लामाबाद में समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो मैं जा सकता हूं।'
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