What is Abraham Accords Donald Trump says Iran Can join new order in West Asia amid US Iran war israel अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होगा तेहरान, ट्रंप का बहुत बड़ा दावा; इजरायल-ईरान में होगी दोस्ती?, International Hindi News - Hindustan
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अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होगा तेहरान, ट्रंप का बहुत बड़ा दावा; इजरायल-ईरान में होगी दोस्ती?

इससे पहले 2025 में इजरायल और हमास के बीच संघर्ष-विराम समझौते की घोषणा करते हुए भी ट्रंप ने कहा था कि एक दिन ईरान इस समझौते का हिस्सा बनेगा। हालांकि तब ईरान ने इस बयान को सिरे से खारिज कर दिया था। अब ट्रंप ने नया दावा किया है।

Mon, 25 May 2026 07:02 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होगा तेहरान, ट्रंप का बहुत बड़ा दावा; इजरायल-ईरान में होगी दोस्ती?

ईरान जल्द ही अब्राहम अकॉर्ड को ज्वॉइन कर सकता है। यह दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। हाल ही में ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत में मदद के लिए खाड़ी देशों का शुक्रिया अदा करते हुए इशारों-इशारों में हिंट दे दिया कि ईरान अब्राहम अकॉर्ड का हिस्सा बन सकता है। बता दें कि यह वही समझौता है, जिसका मकसद अरब देशों और इजरायल को करीब लाना था।

हालांकि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन अगर ट्रंप की बात सच साबित होती है, तो पश्चिम एशिया में एक बिल्कुल नई वैश्विक व्यवस्था बन सकती है। इससे पहले ट्रंप ईरान के साथ बातचीत के दौरान साथ देने के लिए अरब देशों की तारीफ करते नजर आए। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल एक पोस्ट में लिखा, “मैं मिडिल ईस्ट के सभी देशों को उनके समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। ऐतिहासिक अब्राहम समझौते में शामिल होने से यह सहयोग और भी मजबूत होगा। और कौन जानता है, शायद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान भी इसमें जुड़ जाए!”

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पहले भी किया है दावा

गौरतलब है कि इस समूह को 2020 में बनाया गया था। हालांकि ईरान हमेशा से ही इजरायल और अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों का पुरजोर विरोध करता रहा है। ईरान अमेरिका की मध्यस्थता से हुए इन समझौतों को फिलिस्तीनी हितों के साथ विश्वासघात मानता है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ईरान के अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होने का जिक्र कर चुके हैं। 2025 में इजरायल और हमास के बीच संघर्ष-विराम समझौते की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि एक दिन ईरान भी इस समझौते का हिस्सा बनेगा। हालांकि तब ईरान ने इस बयान को सिरे से खारिज कर दिया था। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि तेहरान इजरायल को कभी भी मान्यता नहीं देगा।

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क्या है अब्राहम अकॉर्ड?

अब्राहम अकॉर्ड अमेरिकी मध्यस्थता में तैयार किया गया एक ऐतिहासिक समझौता है। इसका मकसद अरब देशों और इजरायल के बीच दुश्मनी को खत्म कर कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों को सामान्य करना है। कोरोना काल में हुए इस समझौते से सबसे पहले बहरीन और यूएई जैसे देश जुड़े और इजरायल के साथ औपचारिक संबंधों की शुरुआत की। बाद में मोरक्को और सूडान भी इसमें शामिल हुए। इस समझौते का एक बड़ा मकसद इजरायल और अरब देशों को एक साथ लाकर मिडिल ईस्ट में ईरान के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करना भी था। लेकिन अब ट्रंप खुद ईरान को ही इस ग्रुप में लाने की बात कह रहे हैं।

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इजरायल-ईरान हैं कट्टर दुश्मन

गौरतलब है कि साल 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले ईरान और इजरायल के बीच अच्छे संबंध थे। हालांकि अयातुल्लाओं के सत्ता में आने के बाद 'इजरायल की तबाही' ईरान की विदेश नीति का मुख्य हिस्सा बन गया। ईरान ने इजरायल सहित इलाके में अपने सभी दुश्मनों से लड़ने के लिए हमास, हिजबुल्लाह और हूतियों का एक 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' खड़ा कर दिया। वहीं इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर हालिया हमलों से ईरान का पारा और बढ़ा दिया है। ऐसे में ईरान का अब्राहम अकॉर्ड से जुड़ना फिलहाल मुश्किल है।

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