हद पार हो जाएगी... पहली बार इजरायल को मिली इस्लामिक देश से धमकी, किया था अब्राहम अकॉर्ड
इजरायल ने 1967 की जंग के दौरान वेस्ट बैंक का एक हिस्सा कब्जा कर लिया था, जिसमें 7 लाख यहूदी बसते हैं। पूर्वी येरूशलम का एक हिस्सा भी इजरायल के नियंत्रण में ही है। इस जगह को फिलिस्तीनी वापस चाहते हैं ताकि फिलिस्तीन मुल्क बना सकें। एक अनुमान के अनुसार वेस्ट बैंक में करीब 33 लाख फिलिस्तीनी रहते हैं।

इजरायल के साथ बीते कुछ सालों से अच्छे रिश्तों की ओर बढ़ रहे संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने भी अब नेतन्याहू सरकार को आंखें दिखाई हैं। अक्तूबर 2023 के बाद से गाजा में जारी जंग को लेकर अब UAE शांत ही रहा था, लेकिन अब उसने इजरायल को चेतावनी दी है कि यदि वेस्ट बैंक की ओर उसने नजर उठाई तो फिर सीमा पार हो जाएगी। ऐसा पहली बार है, जब UAE ने इस तरह इजरायल के खिलाफ सख्त स्टैंड लिया है। दरअसल कई यूरोपीय देशों और ऑस्ट्रेलिया एवं कनाडा ने ऐलान किया है कि वे फिलिस्तीन को मान्यता देंगे। इसके जवाब में नेतन्याहू सरकार प्लान बना रही है कि वेस्ट बैंक का विलय कर लिया जाए।
वेस्ट बैंक के विलय वाले प्लान पर ही यूएई ने सख्त चेतावनी दी है। यूएई के एक सीनियर लाना नुसिबेह ने कहा कि ऐसा कदम इजरायल और फिलिस्तीन विवाद में नई आग लगाएगा। इसके अलावा टू-स्टेट सॉलूशन वाला फॉर्मूला तो फिर खत्म ही हो जाएगा। UAE के इस बयान पर फिलिस्तीन अथॉरिटी के विदेश मंत्रालय ने तुरंत जवाब दिया और कहा कि हम स्वागत करते हैं। इजरायल की सरकार की ओर से यूएई के बयान पर फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है। इससे पहले इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मॉट्रिक ने एक ऐसा प्रस्ताव रखा था, जिसमें कहा गया कि इजरायल की ओर से 80 फीसदी वेस्ट बैंक का विलय किया जा सकता है।
इजरायल ने 1967 की जंग के दौरान वेस्ट बैंक का एक हिस्सा कब्जा कर लिया था, जिसमें 7 लाख यहूदी बसते हैं। इसके अलावा पूर्वी येरूशलम का एक हिस्सा भी इजरायल के नियंत्रण में ही है। इस जगह को फिलिस्तीनी वापस चाहते हैं ताकि फिलिस्तीन मुल्क बना सकें। एक अनुमान के अनुसार वेस्ट बैंक में करीब 33 लाख फिलिस्तीनी रहते हैं। अब इसके बड़े हिस्से पर इजरायली कब्जे के प्लान ने UAE तक को उकसा दिया है। बता दें कि 2020 में अमेरिकी मध्यस्थता में अब्राहम अकॉर्ड हुआ था। इसमें इजरायल के साथ राजनयिक रिश्ते स्थापित करने पर UAE, बहरी और मोरक्को ने सहमति जताई थी।
इस अकॉर्ड की बड़ी चर्चा हुई थी। यहूदी, इस्लाम और ईसाई मजहबों में अब्राहम एक ऐसी शख्सियत हैं, जो अलग-अलग नामों से तीनों में महत्व रखते हैं। ऐसे में उन्हें आधार बनाते हुए ही इसका नाम अब्राहम अकॉर्ड रखा गया। तब से अब तक इजरायल के साथ इन देशों ने रिश्ते बहाल रखे हैं और गाजा पर हमलों के दौरान भी कुछ नहीं कहा। लेकिन अब रिएक्शन आया है तो इसके गहरे अर्थ हैं। दरअसल नेतन्याहू सरकार के कई दक्षिणपंथी मंत्री चाहते हैं कि वेस्ट बैंक को पूरा ही या उसके बड़े हिस्से का विलय कर लिया जाए।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन