Vladimir putin minister visit china just after north korea discussed ukraine war and relation with US यूक्रेन पर समर्थन जुटा रहे पुतिन, मंत्री को नॉर्थ कोरिया के बाद चीन दौड़ाया; अमेरिका पर भी हुई बात, International Hindi News - Hindustan
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यूक्रेन पर समर्थन जुटा रहे पुतिन, मंत्री को नॉर्थ कोरिया के बाद चीन दौड़ाया; अमेरिका पर भी हुई बात

व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका से तनाव और यूक्रेन संग युद्ध बढ़ने के बाद अपने मित्रों के पास दौड़ शुरू कर दी है। पुतिन सरकार के मंत्री ने पहले उत्तर कोरिया फिर चीन का दौरा किया। सिर्फ यूक्रेन नहीं अमेरिका संग रूसी संबंधों पर भी चर्चा हुई।

Sun, 13 July 2025 09:58 PMGaurav Kala एएफपी, बीजिंग
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यूक्रेन पर समर्थन जुटा रहे पुतिन, मंत्री को नॉर्थ कोरिया के बाद चीन दौड़ाया; अमेरिका पर भी हुई बात

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध और अमेरिका से तनाव के बीच अपने मित्र देशों से समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में रूसी विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव रविवार को चीन पहुंचे, जहां उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से अहम बातचीत की। इससे पहले रूसी मंत्री ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था।

यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब लावरोव ने इससे पहले उत्तर कोरिया का दौरा किया था। कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने रूसी मंत्री के दौरे के बाद पुतिन सरकार को यूक्रेन युद्ध और अमेरिका मसले अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा की। अब चीन जैसे रणनीतिक साझेदार के साथ लावरोव ने अमेरिका से संबंधों और यूक्रेन संकट के समाधान पर बातचीत की है।

रूस-चीन के बीच क्या बातचीत हुई?

रूसी विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, लावरोव और वांग यी के बीच अमेरिका से रिश्तों की दिशा और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की संभावनाओं पर विचार हुआ। इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने कुछ अन्य "ज्वलंत मुद्दों" पर भी चर्चा की। जिनमें गाजा युद्ध और कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति शामिल हैं।

चीन पर फिर उठ रहे सवाल

चीन खुद को यूक्रेन संघर्ष में "तटस्थ" बताता है, लेकिन उसने रूस के 2022 के हमले की निंदा कभी नहीं की, न ही रूसी सेनाओं की वापसी की मांग की। कई पश्चिमी देश मानते हैं कि चीन परोक्ष रूप से रूस की मदद कर रहा है, चाहे सैन्य सामान हो या कूटनीतिक समर्थन। हालांकि चीन लगातार युद्ध बंद करने की अपील करता है और उल्टा पश्चिमी देशों पर आरोप लगाता है कि वे यूक्रेन को हथियार देकर इस टकराव को लंबा खींच रहे हैं।

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क्या है पुतिन की रणनीति?

लावरोव की ये यात्रा संकेत देती है कि पुतिन अब एशियाई सहयोगियों के जरिए अमेरिका और यूरोप पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उत्तर कोरिया से समर्थन मिलने के बाद चीन जैसे आर्थिक और कूटनीतिक दिग्गज से संवाद, रूस की रणनीतिक चाल का हिस्सा माना जा रहा है।

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