Vladimir Putin Sides with Donald Trump Sends Message to Iran Tehran Response ट्रंप के इस कदम पर अमेरिका के साथ पुतिन भी आए, ईरान को सख्त संदेश; क्या आया जवाब, Middle-east Hindi News - Hindustan
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ट्रंप के इस कदम पर अमेरिका के साथ पुतिन भी आए, ईरान को सख्त संदेश; क्या आया जवाब

पुतिन ने ईरान से कहा कि वह अमेरिका की बात मानते हुए परमाणु समझौते को आसान बनाने के लिए संवर्धन पूरी तरह रोक दे, लेकिन ईरान ने इसे मानने से साफ इनकार कर दिया।

Sun, 13 July 2025 04:52 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन/मॉस्को
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ट्रंप के इस कदम पर अमेरिका के साथ पुतिन भी आए, ईरान को सख्त संदेश; क्या आया जवाब

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक कूटनीति फिर से तेज हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में जहां वाशिंगटन एक सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी खुलकर अमेरिका के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। अमेरिकी मीडिया पोर्टल Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ने हाल ही में ट्रंप और ईरानी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में ईरान को "जीरो एनरिचमेंट" यानी यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करने का सुझाव दिया।

एक यूरोपीय अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि पुतिन ने ईरान से कहा कि वह परमाणु समझौते को आसान बनाने के लिए संवर्धन पूरी तरह रोक दे, ताकि अमेरिका के साथ बातचीत संभव हो सके। हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। तेहरान का कहना है कि वह यूरेनियम संवर्धन पर किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं मानेगा।

ईराना का सख्त जवाब

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में राजनयिकों से कहा, "किसी भी संभावित समझौते में हमारे लोगों के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। इसमें यूरेनियम संवर्धन का अधिकार भी शामिल है। हम ऐसी कोई डील स्वीकार नहीं करेंगे जिसमें यह अधिकार न हो।"

परमाणु वार्ता पर फिर विचार

हालांकि अराघची ने यह संकेत भी दिया कि ईरान अमेरिका के साथ रुकी हुई परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि "हम इसकी टाइमिंग, लोकेशन, स्वरूप और गारंटी पर विचार कर रहे हैं।" लेकिन उन्होंने यह साफ किया कि बातचीत केवल परमाणु कार्यक्रम पर होगी, और इसमें ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम या सैन्य क्षमताओं पर कोई चर्चा नहीं की जाएगी।

IAEA से भी बदलेगा रुख

अराघची ने यह भी बताया कि ईरान और IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) के बीच सहयोग पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन अब यह "नई रूपरेखा" में होगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल अब परमाणु साइटों की निगरानी के अनुरोधों पर "केस-बाय-केस" आधार पर फैसला करेगी।

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ट्रंप का रुख और वार्ता की संभावना

व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच "अगले हफ्ते या उसके आसपास" वार्ता फिर शुरू हो सकती है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर संयमित प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने कहा, "अगर मीटिंग होती है और हम कुछ कागज पर उतार पाएं, तो ठीक है।"

युद्ध से पहले करीब थी डील

अराघची ने दावा किया कि इज़रायल-ईरान युद्ध से पहले अमेरिका और ईरान 9 हफ्तों में 5 मुलाकातें कर चुके थे और "हम ऐतिहासिक समझौते के बेहद करीब थे। मैंने 4 साल की बातचीत में जितनी प्रगति नहीं देखी, वो 5 बैठकों में हो गई।"

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