होर्मुज खुलवाने ट्रंप का ‘त्रिपोली’ प्लान, कितना घातक है यह अमेरिकी बेड़ा; ईरान के लिए नया चैलेंज
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका ने एक और जंगी जहाज उतारने को तैयार है। जहाज का नाम है त्रिपोली। ऐसे समय में जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने की जी-तोड़ कोशिश में जुटे हैं, इस जंगी जहाज की युद्धक्षेत्र में एंट्री अहम मानी जा रही है।
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका ने एक और जंगी जहाज उतारने को तैयार है। जहाज का नाम है त्रिपोली। ऐसे समय में जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने की जी-तोड़ कोशिश में जुटे हैं, इस जंगी जहाज की युद्धक्षेत्र में एंट्री अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई में यह जहाज अहम भूमिका निभा सकता है। 50 हजार टन वजनी यह जहाज, एक महत्वाकांक्षी असॉल्ट शिप है। इसमें 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (MEU) के 2000 से अधिक मरीन शामिल हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कह कि यूनिट और युद्धपोत त्रिपोली को पश्चिम एशिया जाने का आदेश दिया गया है। इस कदम से क्षेत्र में सैनिकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी।
अभी कहां है अमेरिकी जहाज
बेहद उच्च श्रेणी के फाइटर्स से लैस यह विशाल जहाज फिलहाल श्रीलंका के दक्षिण में, दक्षिण भारतीय महासागर में है। इसे ओमान की खाड़ी में यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की ताकत बढ़ाने के लिए भेजा जा रहा है। बात करें इसकी खासियतों की तो यूएसएस त्रिपोली 844 फीट लंबा है (1106 फीट लंबा यूएसएस फोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है)। इस पर एफ-35, एमवी-22 ओस्प्रे और एमएच60S सीहॉक हेलीकॉप्टर रखे हुए हैं। इसके साथ लैंडिंग शिप डेक्स भी हैं ताकि दुश्मी की जमीन पर मरीन को उतारा जा सके। माना जा रहा है कि 22-23 मार्च के आस-पास यह युद्धक्षेत्र में पहुंच सकता है।
क्या होर्मुज खुलवाने का दांव है त्रिपोली
इन सबके बीच माना जा रहा है कि यूएसएस त्रिपोली को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। बता दें कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर रखा है। मात्र 33 किमी के इस जलडमरूमध्य से दुनिया भर को ईंधन सप्लाई के जहाज गुजरते हैं। ईरान ने खुली चेतावनी दे रखी है कि वह अमेरिका और इजरायल के जहाजों से यहां से कतई नहीं गुजरने देगा। ईरान के इस रुख के बाद ट्रंप ने अपने तमाम सहयोगी देशों से अपील की थी कि वह होर्मुज को खुलावाने के लिए अपने जंगी जहाज भेजें। लेकिन एकाध को छोड़ किसी देश की तरफ से उन्हें सकारात्मक जवाब नहीं मिला। ऐसे में त्रिपोली के जरिए अमेरिका एक बड़ा दांव खेल सकता है।
ट्रंप ने खुले छोड़ रखे हैं विकल्प
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान में सैनिक भेजने के लिए विकल्प खुले रख छोड़े हैं। गुरुवार रात मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘नहीं, मैं कहीं भी सैनिक नहीं भेज रहा हूं…अगर मैं भेजता भी, तो निश्चित रूप से मैं आपको नहीं बताता। लेकिन मैं सैनिक नहीं भेज रहा हूं। माना जा रहा है कि युद्ध की स्थिति और बदलते हालात को देखते हुए, अमेरिका जमीन पर सैनिक भेजने से पहले घोषणा नहीं करेगा। यह सबकुछ युद्ध के हालात और ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर हमलों पर तय करेगा।
नेतन्याहू ने क्या कहा
इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि केवल हवाई हमलों से ईरान के शासन को नहीं उखाड़ा जा सकता, बल्कि इसके लिए जमीनी कार्रवाई की जरूरत होगी।
नेतन्याहू ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहाकि इजरायल और अमेरिका हवाई हमलों से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को नष्ट कर रहे हैं। लेकिन सार्थक परिवर्तन केवल हवाई अभियानों से संभव नहीं है। उन्होंने कहाकि क्रांति केवल हवा से नहीं आ सकती, इसके लिए जमीनी कार्रवाई भी जरूरी है। उन्होंने यह साझा करने से इनकार कर दिया कि इस जमीनी कार्रवाई का स्वरूप क्या होगा।
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