US Iran War Finland President Alexander Stubb says India could help broker peace भारत चाहे तो तुरंत रुकवा सकता है अमेरिका-ईरान युद्ध, तनाव के बीच किस देश के राष्ट्रपति ने जताया भरोसा?, International Hindi News - Hindustan
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भारत चाहे तो तुरंत रुकवा सकता है अमेरिका-ईरान युद्ध, तनाव के बीच किस देश के राष्ट्रपति ने जताया भरोसा?

भारत ने ईरान के साथ कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से कई बार फोन पर बातचीत की है, जिसमें क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई है।

Tue, 17 March 2026 12:10 PMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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भारत चाहे तो तुरंत रुकवा सकता है अमेरिका-ईरान युद्ध, तनाव के बीच किस देश के राष्ट्रपति ने जताया भरोसा?

पश्चिम एशिया में अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग से पूरी दुनिया की शांति भंग हो गई है। इस युद्ध में अब तक सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई है। जहां एक तरफ ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले जारी हैं, वहीं दूसरी पर ईरान ने इजरायल के साथ साथ खाड़ी देशों में अमेरिकी हितों को भी निशाना बनाया है। युद्ध का दायरा अब बढ़ता ही नजर आ रहा है। दूसरी तरफ ईरान पर अमेरिकी इजरायली हमलों दुनिया का सबसे प्रमुख जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग ठप पड़ गया है। इस संकट से निपटने के लिए एक देश ने शांति बहाल करने के लिए भारत पर भरोसा जताया है।

हाल ही में फिनलैंड के राष्ट्रपति ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए भारत से कूटनीतिक भूमिका निभाने की अपील की है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने एक इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा हालात में तुरंत सीजफायर की जरूरत है और भारत इसमें अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने पहले भी तनाव कम करने की बात कही है, इसलिए वह शांति स्थापित करने में मदद कर सकता है।

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भारत ने लिया है कूटनीति का सहारा

स्टब का यह बयान ऐसे समय आया है, जब युद्ध के बीच भी भारत ने संयम से काम लेते हुए कूटनीति का सहारा लिया है। भारत ने ईरान के साथ कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से कई बार फोन पर बातचीत की थी, जिसमें क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बातचीत की है।

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खाड़ी देशों से भी बातचीत

दूसरी तरफ भारत ने खाड़ी देशों के साथ भी संपर्क जारी रखा है और वहां नागरिकों की मौतों पर चिंता जताई है। तनाव के बीच भी भारत ने अपने ऊर्जा और व्यापार हितों को भी सुरक्षित रखने की कोशिश की है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पाबंदियों के बावजूद भारतीय झंडे वाले जहाजों की आवाजाही जारी है, जहां भारत के दो जहाज हाल ही में इस रास्ते से स्वदेश लौटे हैं।

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