ईरान पर परमाणु हथियार आए तो वह तुरंत दाग देगा, उड़ जाएगा पूरा मिडल ईस्ट: डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और इजरायल के ईरान पर जारी हमलों का यह कहते हुए बचाव किया कि तीन सप्ताह के अंदर ईरान में 32 हजार आंदोलनकारी मारे गए थे। यही नहीं खुद को शांतिप्रिय बताते हुए ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी भी अन्य व्यक्ति के मुकाबले मैं जंग के पक्ष में कम ही रहता हूं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने ऐक्शन को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि ईरान पर यदि परमाणु हथियार आ जाएंगे तो वह एक घंटे के अंदर या फिर दिन भर में ही उनका इस्तेमाल कर लेगा। ऐसी स्थिति में इज़रायल ही नहीं बल्कि पूरा मिडल ईस्ट ही तबाह हो जाएगा। वह पूरे इलाके को ही उड़ा देगा। इसलिए हम नहीं चाहते कि ईरान जैसे मुल्क के पास परमाणु हथियार की शक्ति आए। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के ईरान पर जारी हमलों का यह कहते हुए बचाव किया कि तीन सप्ताह के अंदर ईरान में 32 हजार आंदोलनकारी मारे गए थे। यही नहीं खुद को शांतिप्रिय बताते हुए ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी भी अन्य व्यक्ति के मुकाबले मैं जंग के पक्ष में कम ही रहता हूं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मैं किसी भी अन्य व्यक्ति के मुकाबले जंग के पक्ष में कम ही रहता हूं। ईरान के नेता हिंसक और जहरीले हैं। उन लोगों ने तीन सप्ताह के अंदर 32 हजार आंदोलनकारियों का कत्ल करा दिया। यदि आप मानते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार होने चाहिए तो फिर यह भी समझना चाहिए कि ऐसा होने पर क्या होगा। ईरान के पास परमाणु हथियार आए तो वह उनका इस्तेमाल एक घंटे के अंदर या फिर दिन भर में ही कर लेगा। ऐसी स्थिति में ना सिर्फ इज़रायल के वजूद को खतरा होगा बल्कि पूरे मिडल ईस्ट को ही वह उड़ा देगा।'
बता दें कि अमेरिका और इजरायल लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार तैयार कर रहा है। बीते साल भी ईरान और इजरायल के बीच जो जंग हुई थी और अमेरिका ने हमले किए थे। तब भी यही कहा गया था कि हमने ईरान के यूरेनियम भंडार को टारगेट किया है। अब डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से परमाणु हथियारों के खतरे वाली बात को दोहराया है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पास परमाणु हथियारों वाले खतरे की बात करके मिडल ईस्ट के अन्य तमाम देशों को अपने साथ लाने का प्रयास किया है।
वह जब कहते हैं कि ईरान के परमाणु हथियारों से ना सिर्फ इजरायल बल्कि पूरे मिडल ईस्ट को ही खतरा होगा तो वह सऊदी अरब, कतर, यूएई, ओमान और बहरीन जैसे देशों को अपने साथ लाने की कोशिश करते हैं। बता दें कि इस जंग के चलते भारत भी प्रभावित दिख रहा है और गैस सप्लाई की चेन कमजोर होने से एलपीजी की किल्लत देखी जा रही है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन