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ईरान के खिलाफ जमीनी अभियान के मूड में ट्रंप, परमाणु ठिकानों पर कब्जे की तैयारी?

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध अभी तक मिसाइलों और ड्रोन्स से लड़ा जा रहा था। लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी में है। अभियान के पीछे अमेरिका की मंशा ईरान के परमाणु ठिकानों पर कब्जे की है।

Sun, 8 March 2026 08:53 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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ईरान के खिलाफ जमीनी अभियान के मूड में ट्रंप, परमाणु ठिकानों पर कब्जे की तैयारी?

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध अभी तक मिसाइलों और ड्रोन्स से लड़ा जा रहा था। लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी में है। हालांकि अभी यह लिमिटेड स्तर पर होगा। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका में इस तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में छोटी संख्या में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर गंभीर रुचि दिखाई है। बताया जा रहा है जमीनी अभियान चलाकर अमेरिका ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर कब्जे की तैयारी में है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से एनबीसी न्यूज ने यह खबर प्रकाशित की है।

क्या है अमेरिका का प्लान
रिपोर्ट के अनुसार, वाइट हाउस के बाहर ट्रंप के करीबी समूह और रिपब्लिकन सहयोगियों के साथ बातचीत हुई है। इसमें बड़े पैमाने पर हमले की जगह, सैनिकों की सीमित तैनाती पर ध्यान दिया गया है। इसमें सैनिकों को सीमित रूप से रणनीति बनाकर तैनात किया जा सकता है। एक अलग रिपोर्ट में, एक्सिओस ने कहाकि अमेरिका और इजरायल ने युद्ध के बाद के चरण में ईरान में विशेष बल भेजने की संभावना पर चर्चा की है, ताकि यूरेनियम के भंडार को सुरक्षित किया जा सके। ऐसे ऑपरेशन में सैनिकों को भारी किलेबंद भूमिगत सुविधाओं में प्रवेश करना पड़ सकता है, जहां यह यूरेनियम जुटाकर रखे जाने की संभावना है।

क्या है अमेरिका की चिंता
गौरतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों के बीच एक मुख्य चिंता ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को लेकर है। इसका अनुमानित वजन लगभग 450 किलोग्राम है और यह करीब 60 फीसदी शुद्ध है। अगर इसे और समृद्ध किया गया तो कुछ हफ्तों में यह हथियार-ग्रेड यूरेनियम में बदल सकती है। अमेरिकी कांग्रेस की ब्रीफिंग के दौरान जब पूछा गया तो विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संभावित जमीनी ऑपरेशन की ओर संकेत दिया। उन्होंने कहाकि लोगों को जाकर इसे प्राप्त करना होगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन सा देश अपनी सेनाओं के जरिए यह मिशन पूरा कर सकता है।

ट्रंप ने क्या कहा
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ने दो संभावित विकल्पों की समीक्षा की है: या तो ईरान से यूरेनियम को पूरी तरह से हटाना या साइट पर इसे पतला करने के लिए परमाणु विशेषज्ञों को भेजना। किसी भी मिशन में उच्च प्रशिक्षित ऑपरेटरों के साथ-साथ परमाणु विशेषज्ञों की भागीदारी संभव है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के वैज्ञानिक भी शामिल हो सकते हैं।

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बताया जाता है कि ट्रंप प्रशासन ने दो संभावित विकल्पों की समीक्षा की है। या तो ईरान से यूरेनियम को पूरी तरह से हटाना या साइट पर इसे डायलूट करने के लिए परमाणु विशेषज्ञों को भेजना। किसी भी मिशन में उच्च प्रशिक्षित ऑपरेटरों के साथ-साथ परमाणु विशेषज्ञों की भागीदारी संभव है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के वैज्ञानिक भी शामिल हो सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने जमीनी अभियान की संभावना खारिज नहीं की है, हालांकि उन्होंने बड़ी तैनाती की बात नहीं कही है। एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहाकि जमीनी सैनिकों का इस्तेमाल बड़े लक्ष्य के लिए होगा।

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