दुश्मन की गलतफहमी है, माफी मांगने वाले बयान पर ईरान के राष्ट्रपति का यू-टर्न
राष्ट्रपति ने वीडियो बयान में कहा, 'दुश्मन ने मेरे शब्दों के बारे में भ्रांतियां पैदा की हैं। जब हम पर हमला होता है तो हमारे पास जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता। जितना अधिक दबाव डाला जाएगा, हमारा जवाब उतना ही मजबूत होगा।'
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पड़ोसी देशों पर हमलों को लेकर अपने पिछले बयान में यू-टर्न लिया है। उन्होंने कहा कि दुश्मन ने उनके शब्दों को गलत समझा है। एक दिन पहले उन्होंने खाड़ी देशों से माफी मांगी थी और कहा था कि ईरान उनके पड़ोसियों पर हमला नहीं करेगा, लेकिन अब उन्होंने साफ किया कि अगर पड़ोसी देशों से ईरान पर हमला किया गया तो जवाब दिया जाएगा। उन्होंने वीडियो बयान में कहा, 'दुश्मन ने मेरे शब्दों के बारे में भ्रांतियां पैदा की हैं। जब हम पर हमला होता है तो हमारे पास जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता। जितना अधिक दबाव डाला जाएगा, हमारा जवाब उतना ही मजबूत होगा। हमारा ईरान धमकियों, अत्याचार या आक्रामकता के सामने आसानी से नहीं झुकेगा।'
ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध तेज हो गया है और क्षेत्र में तनाव चरम पर है। युद्ध के दौरान ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिसमें कुवैत एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक, बहरीन में डिसेलिनेशन प्लांट और यूएई, कतर आदि में विस्फोट हुए। दुबई के मरीना इलाके में एक इमारत में आग लग गई और फुजैराह पोर्ट से काला धुआं उठता दिखा। ईरान ने इन हमलों को अमेरिकी हमलों के जवाब में बताया है।
तेहरान पर जोरदार हमले
दूसरी ओर, अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर जोरदार हमले किए, जिसमें मेहराबाद एयरपोर्ट के पास आग लग गई और शहर में बड़े विस्फोट हुए। तेहरान की रात में आग का गोला और धुआं फैला रहा। इजरायल, कतर, बहरीन और UAE में एयर रेड सायरन बजे। ईरान के न्यायाधीश प्रमुख ने कहा कि पड़ोसी देशों में दुश्मन के ठिकाने हैं और उन पर हमले जारी रहेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को बहुत जोर से मारा जाएगा व और अधिक लक्ष्य बनाए जाएंगे।
पेजेश्कियन ने ट्रंप की इस मांग को कब्र में ले जाने वाला सपना करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा और अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं छोड़ेगा। युद्ध अब दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन तेहरान ने जवाबी कार्रवाई जारी रखी है। पड़ोसी देशों ने युद्ध से दूरी बनाए रखने की कोशिश की है, लेकिन ईरान के हमलों से वे प्रभावित हुए हैं। यह घटनाक्रम मध्य-पूर्व में बड़े संघर्ष की ओर इशारा करता है, जहां अमेरिका-इजरायल गठबंधन ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बना रहा है, जबकि ईरान ने क्षेत्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया दी है।
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