US संग सीजफायर के लिए कैसे माना ईरान? पाकिस्तान के बस की बात नहीं, चीन ने संभाला मोर्चा
ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार तड़के इसके घोषणा की है। इसके तहत ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की बात मान ली है।
US-Iran Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के पीछे असली मेहनत चीन ने की है। रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इस बात की पुष्टि की है कि वह ड्रैगन ही था जो पर्दे के ईरान को युद्धविराम के लिए मनाने की कोशिश में जुटा था और अंत में चीनी अधिकारियों को इसमें कामयाबी भी मिली। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका दोनों ही दो हफ्ते के सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं। इस समझौते के तहत अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द ही खोला जाएगा।
बताया गया है कि चीन, जो तेहरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है, ने ईरानियों से बात कर कहा कि युद्ध का जल्द से जल्द खत्म होना सही है। अधिकारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि चीनी अधिकारी पहले से ही ईरानी अधिकारियों के संपर्क में थे। एक अधिकारी ने बताया कि बीजिंग मुख्य रूप से पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे मध्यस्थों के साथ मिलकर काम कर रहा था। युद्ध रोकने के लिए चीन ने अपने प्रभाव का भी इस्तेमाल किया।
चीन ने जताई थी चिंता
इससे पहले मंगलवार को चीन ने इस मसले पर चिंता जताई थी। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा था, "सभी पक्षों को ईमानदारी दिखानी चाहिए और इस युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करना चाहिए, जो असल में शुरू ही नहीं होना चाहिए था।" उन्होंने कहा कि चीन इस बात को लेकर गहरी चिंता में है कि इस संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा।
पाकिस्तान के बस की बात नहीं
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध में बिचौलिया बनने की कोशिश कर रहा था। हालांकि ईरान ने पाकिस्तान की ओर से पेश किए गए मध्यस्थता प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया था। इस समझौते के तहत 45 दिन के युद्धविराम की बात कही जा रही थी। ईरान ने साफ कहा था कि वह अपनी शर्तों पर ही समझौता करेगा। अब चीन के मनाने से ईरान सीजफायर को राजी हुआ है।
युद्धविराम के बाद क्या बोला ईरान?
सीजफायर के बाद ईरान की तरफ से तीखा रिस्पॉन्स सामने आया है। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि ईरान ने युद्ध में दो हफ्ते के सीज़फ़ायर को मंजूरी दे दी है। बयान में यह भी कहा गया है कि वह शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत करेगा। हालांकि बयान में यह भी कहा गया है कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। बयान के मुताबिक, “इसका मतलब यह नहीं है कि युद्ध खत्म हो गया है। हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं, और अगर दुश्मन ने जरा सी भी गलती की, तो उसका पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।”
ट्रंप ने की थी घोषणा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर अपने हमले दो हफ्ते के लिए रोक देगा। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए राजी हो, तो अमेरिका ईरान के ठिकानों पर हमले तुरंत रोक देगा। ट्रंप ने यह भी लिखा कि समस्या अब सुलझने के करीब है।
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