huge fall in crude oil due to announcement of ceasefire price fell below 100 dollars ट्रंप के सीजफायर के ऐलान से कच्चे तेल में भारी गिरावट, 100 डॉलर के नीचे आया भाव, Business Hindi News - Hindustan
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ट्रंप के सीजफायर के ऐलान से कच्चे तेल में भारी गिरावट, 100 डॉलर के नीचे आया भाव

Crude Oil Price Crash: ब्रेंट क्रूड करीब 16% तक टूटकर 92 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में पिछले छह वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 95 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।

Wed, 8 April 2026 06:29 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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ट्रंप के सीजफायर के ऐलान से कच्चे तेल में भारी गिरावट, 100 डॉलर के नीचे आया भाव

Crude Oil Price Crash:अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर पर सहमति बनने के बाद ग्लोबल ऑयल मार्केट में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को फिर से खोलने की उम्मीद है, जिससे सप्लाई में रुकावटें कम होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इसी उम्मीद में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से फिसलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं।

ब्रेंट और WTI क्रूड में ऐतिहासिक गिरावट

ब्लूमबर्ग के मुताबिक तेल कीमतों में आई गिरावट बेहद तेज रही। ब्रेंट क्रूड करीब 16% तक टूटकर 92 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में पिछले छह वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 95 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। ट्रंप ने कहा कि यह सीजफायर पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलता है या नहीं।

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पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी सहमति

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा पेश की गई युद्धविराम योजना को स्वीकार कर लिया गया है। अगले दो हफ्तों तक सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक इजरायल ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है, जिससे वैश्विक बाजारों को राहत मिली है।

होर्मुज का असर अभी भी बरकरार

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और LNG का करीब 20% गुजरता है। इसके बंद होने से ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई थी।हालांकि, कीमतों में गिरावट के बावजूद फरवरी के बाद से WTI अब भी करीब 50% ऊपर बना हुआ है, जो यह दिखाता है कि संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

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सप्लाई सामान्य होने में लगेगा समय

वेस्टपैक बैंकिंग कॉर्प के कमोडिटी एक्सपर्ट रॉबर्ट रेनी के अनुसार, “तेल सप्लाई तुरंत सामान्य नहीं होगी। बंद कुओं को फिर से शुरू करने, जहाजों की तैनाती और स्टॉक भरने में महीनों लग सकते हैं।” इसका मतलब है कि कीमतों में गिरावट के बावजूद बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

तनाव के बीच ट्रंप के सख्त बयान: युद्धविराम से पहले माहौल बेहद तनावपूर्ण था। ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए आक्रामक बयान दिए थे। अमेरिकी फोर्स ने ईरान के खार्ग द्वीप पर भी कार्रवाई की, हालांकि एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को सीधे निशाना नहीं बनाया गया।

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राहत मिली, लेकिन जोखिम अभी खत्म नहीं: तेल की कीमतों में आई यह गिरावट बाजार के लिए राहत जरूर है, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिम अभी भी बने हुए हैं। सीजफायर अस्थायी है और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर आगे की दिशा निर्भर करेगी।

इनपुट: एजेंसी

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