How Did Trump Agree to a Ceasefire with Iran He Named Pakistan Shehbaz and Asim Munir ईरान के साथ सीजफायर को कैसे राजी हुए ट्रंप? पाकिस्तान, शहबाज और आसिम मुनीर का भी जिक्र, International Hindi News - Hindustan
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ईरान के साथ सीजफायर को कैसे राजी हुए ट्रंप? पाकिस्तान, शहबाज और आसिम मुनीर का भी जिक्र

हालांकि ट्रंप ने इसके साथ एक कड़ी शर्त भी जोड़ी है। यह संघर्ष विराम तभी प्रभावी रहेगा जब ईरान स्ट्रे़ट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से तत्काल और सुरक्षित रूप से खोलने के लिए सहमत होगा।

Wed, 8 April 2026 06:15 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान के साथ सीजफायर को कैसे राजी हुए ट्रंप? पाकिस्तान, शहबाज और आसिम मुनीर का भी जिक्र

Iran-America Ceasefire: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाली और राहत भरी घोषणा की है। ट्रंप ने मंगलवार को घोषणा की कि अमेरिका, ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष विराम के लिए सहमत हो गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ ही घंटे पहले ट्रंप ने तेहरान को पूरी सभ्यता मिटा देने की सख्त चेतावनी दी थी। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक संदेश में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने फिलहाल ईरान पर होने वाले बमबारी और हमलों को रोक दिया है। इस पूरी प्रक्रिया में पड़ोसी देश पाकिस्तान की भूमिका अहम रही है।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में बताया कि यह समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद संभव हुआ है। ट्रंप ने लिखा, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ हुई चर्चा के आधार पर मैं दो सप्ताह के लिए ईरान पर हमले स्थगित करने के लिए सहमत हूं। उन्होंने अनुरोध किया था कि मैं आज रात ईरान भेजे जाने वाले विनाशकारी बल को रोक दूं।"

हालांकि ट्रंप ने इसके साथ एक कड़ी शर्त भी जोड़ी है। यह संघर्ष विराम तभी प्रभावी रहेगा जब ईरान स्ट्रे़ट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से तत्काल और सुरक्षित रूप से खोलने के लिए सहमत होगा। आपको बता दें कि यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है, जिसे ईरान ने तनाव के चलते बाधित कर रखा था।

क्यों पीछे हटे ट्रंप? अमेरिका का तर्क

युद्ध की कगार पर खड़े अमेरिका के अचानक पीछे हटने के पीछे ट्रंप ने रणनीतिक कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने अपने सैन्य उद्देश्यों को न केवल हासिल कर लिया है, बल्कि उससे कहीं आगे बढ़ चुका है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं पर जो प्रहार करने थे, वे पूरे हो चुके हैं। यह एक दोतरफा संघर्ष विराम होगा। ट्रंप का मानना है कि यह दो सप्ताह का समय ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति और मध्य पूर्व में स्थिरता लाने के लिए एक निर्णायक समझौते की दिशा में काम आएगा।

ईरान का 10-सूत्रीय प्रस्ताव

ट्रंप ने खुलासा किया कि ईरान की ओर से एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसे अमेरिका ने बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार माना है। राष्ट्रपति ने कहा कि अतीत के लगभग सभी विवादित बिंदुओं पर दोनों देश सहमत हो गए हैं, लेकिन अंतिम समझौते को अमली जामा पहनाने के लिए दो सप्ताह का समय आवश्यक है। ट्रंप ने लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में और मध्य पूर्व के देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए इस दीर्घकालिक समस्या को समाधान के करीब देखना मेरे लिए सम्मान की बात है।"

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यह घोषणा ट्रंप की चिर-परिचित शैली को दर्शाती है। पहले चरम स्तर की धमकी देना और फिर समझौते की मेज पर आना। मंगलवार सुबह ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि आज रात एक पूरी सभ्यता समाप्त जाएगी, जिससे परमाणु युद्ध या बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका गहरा गई थी।

पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रमों, सैन्य नेतृत्व और बुनियादी ढांचे पर घातक हमले किए हैं। जवाब में ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी देशों पर हमले किए, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल ईरानी अधिकारियों की ओर से इस सीजफायर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दुनिया की नजरें अब अगले 14 दिनों की वार्ताओं पर टिकी हैं।

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