अमेरिका को सबक सिखाने की तैयारी में ईरान, समुद्र के नीचे तबाही मचाने की वॉर्निंग
अमेरिका को सबक सिखाने के लिए ईरान एक घातक कदम उठाने की तैयारी में है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके तटीय क्षेत्रों या द्वीपों पर हमला किया गया तो वह पूरी फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछाकर सभी समुद्री मार्गों को बंद कर देगा।

अमेरिका को सबक सिखाने के लिए ईरान एक घातक कदम उठाने की तैयारी में है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके तटीय क्षेत्रों या द्वीपों पर हमला किया गया तो वह पूरी फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछाकर सभी समुद्री मार्गों को बंद कर देगा। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की रक्षा परिषद ने कहाकि गैर-युद्धरत देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का एकमात्र तरीका ईरान के साथ समन्वय करना होगा। परिषद ने कहाकि ईरान के तटों या द्वीपों पर अगर किसी भी दुश्मन देश ने हमला किया तो फारस की खाड़ी और तटीय क्षेत्रों के सभी रास्तों और संचार लाइनों को विभिन्न प्रकार की नौसैनिक बारूदी सुरंगों से भर दिया जाएगा।
बयान में क्या कहा
बयान में कहा गया कि ऐसी स्थिति में पूरी फारस की खाड़ी प्रभावी रूप से बंद हो जाएगी। इसकी जिम्मेदारी उस पक्ष पर होगी जो हमला करेगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान की सेना पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और क्षेत्रीय ढांचे को निशाना बनाने की बात कह चुकी है। गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चेतावनी दे चुके हैं कि अगर होर्मुज को नहीं खोला गया तो वह ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला कर देंगे।
इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार देर रात फोन पर हुई बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य संकट पर चर्चा की। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि वे इस बात पर सहमत हुए कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना जरूरी है। बयान में यह भी कहा गया कि वे जल्द ही फिर से बात करेंगे।
यह बातचीत स्टार्मर द्वार ईरान के साथ चल रहे युद्ध में ब्रिटेन के शामिल होने से इनकार के बाद ट्रंप और अन्य यूरोपीय सहयोगियों की तीखी आलोचना के बाद हुई है। ब्रिटेन उन 22 देशों में शामिल है, जिन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के प्रयासों में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की है। दुनिया के सबसे व्यस्त नौवहन मार्गों में से एक इस जलमार्ग से यातायात 28 फरवरी को युद्ध छिड़ने के बाद से लगभग 95 प्रतिशत तक गिर गया है।
रविवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्क रूट ने कहा कि वह पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि नाटो इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन की संवेदनशील प्रकृति के कारण सदस्य देशों को थोड़ा समय चाहिए। डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने दोहराया कि नेताओं ने अपनी बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति व्यक्त की कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इसे खोलना अनिवार्य है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन